जमा (Deposits) में शानदार बढ़त और लायबिलिटी (Liability) की मजबूती
Yes Bank ने वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में अपनी डिपॉजिट बेस को बढ़ाने में जबरदस्त सफलता हासिल की है। बैंक के कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 12.1% बढ़कर ₹3.18 लाख करोड़ पर पहुंच गए, जो पिछले साल ₹2.84 लाख करोड़ थे। यह तेजी तिमाही-दर-तिमाही भी जारी रही, जिसमें 9% की बढ़ोतरी देखी गई। सबसे खास बात यह है कि कम लागत वाले CASA (करंट अकाउंट सेविंग्स अकाउंट) डिपॉजिट 14.9% की जोरदार बढ़त के साथ ₹1.11 लाख करोड़ पर पहुंच गए। इस ग्रोथ की वजह से बैंक का CASA रेश्यो (सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट सहित) पिछले क्वार्टर के 34.0% और पिछले साल के 34.3% से बढ़कर 35.1% हो गया है। यह मजबूत लायबिलिटी स्ट्रक्चर बैंक की लॉन्ग-टर्म स्टेबिलिटी और प्रॉफिटेबिलिटी के लिए बेहद अहम है, जो बढ़ती ब्याज दरों और भारत में फंड्स के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
लोन (Loan) में भी अच्छी ग्रोथ और बैलेंस शीट के आंकड़े
बैंक के एडवांसेज (Advances) या लोन भी सालाना आधार पर 10.7% बढ़कर ₹2.72 लाख करोड़ हो गए, जबकि पिछले साल यह ₹2.46 लाख करोड़ थे। तिमाही-दर-तिमाही बेस पर लोन में 5.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो थोड़ा नरम होकर 85.4% पर आ गया, जो पिछले क्वार्टर में 88.0% और पिछले साल 86.5% था। यह संतुलित ग्रोथ का संकेत देता है, जहाँ क्रेडिट की तुलना में डिपॉजिट तेजी से बढ़े हैं, जिससे आमतौर पर वित्तीय स्थिरता बढ़ती है और महंगी होलसेल फंडिंग पर निर्भरता कम होती है। हालाँकि, बैंक का लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (LCR) पिछले साल के 125% और दिसंबर क्वार्टर के 123.8% से घटकर 119% रह गया। यह रेगुलेटरी मिनिमम 100% से काफी ऊपर है, लेकिन पिछले स्तरों से यह एक गिरावट दिखाता है और कई प्रतिस्पर्धियों से कम है।
मार्केट और प्रतिस्पर्धियों की स्थिति
Yes Bank की 12.1% की सालाना डिपॉजिट ग्रोथ दर काफी दमदार रही। इसकी तुलना में IndusInd Bank के डिपॉजिट में Q4 FY26 में 2.6% की सालाना गिरावट देखी गई, हालांकि IndusInd ने तिमाही-दर-तिमाही ग्रोथ दर्ज की। दूसरी ओर, HDFC Bank ने 14.4% की मजबूत सालाना डिपॉजिट ग्रोथ हासिल की। भारतीय बैंकिंग सेक्टर में, मजबूत क्रेडिट ग्रोथ (मार्च 2026 के मध्य तक लगभग 13.8% सालाना) अक्सर डिपॉजिट की ग्रोथ से आगे निकल रही है, जिसके कारण कई बैंकों का क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो बढ़ा है। डिपॉजिट के लिए यह कड़ी प्रतिस्पर्धा फंडिंग लागत को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख कारक है। ऐतिहासिक रूप से, Yes Bank के शेयर ने बैलेंस शीट मजबूत होने के संकेतों पर अच्छा रिएक्शन दिखाया है, लेकिन पिछले उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक इसकी वैल्यूएशन को लेकर सतर्क हैं। इसका वर्तमान P/E रेश्यो लगभग 17.8x है, जो इंडस्ट्री के औसत 12.28x से अधिक है।
चुनौतियाँ और निवेशकों की चिंताएं
डिपॉजिट के सकारात्मक ट्रेंड के बावजूद, लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (LCR) का 119% तक गिरना चिंता का विषय है। यह आंकड़ा पिछले साल के 125% से कम है और Kotak Mahindra Bank जैसे प्रतिस्पर्धियों से भी पीछे है, जो लगातार 130% से ऊपर का LCR रिपोर्ट करते हैं। यह एक टाइट लिक्विडिटी पोजीशन या कम स्थिर फंडिंग पर अधिक निर्भरता का संकेत दे सकता है, खासकर अगर डिपॉजिट ग्रोथ धीमी हो जाती है। इसके अलावा, Yes Bank के पास आक्रामक लेंडिंग, नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) को कम आंकना और 2020 के बड़े लिक्विडिटी संकट का इतिहास रहा है। हालाँकि हाल ही में एसेट क्वालिटी में स्थिरता आई है, लेकिन बाजार किसी भी गिरावट के संकेत के प्रति संवेदनशील बना हुआ है। वर्तमान एनालिस्ट सेंटीमेंट इस सावधानी को दर्शाता है, जहाँ कंसेंसस 'Sell' रेटिंग और प्राइस टारगेट इसके मौजूदा ट्रेडिंग प्राइस ₹17.87 से सीमित अपसाइड का संकेत दे रहे हैं।
भविष्य का दृष्टिकोण और एनालिस्ट्स के विचार
एनालिस्ट Yes Bank के भविष्य के अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ग्रोथ को लेकर आशावादी हैं, अगले कुछ वर्षों में इसमें महत्वपूर्ण वृद्धि का अनुमान है। बैंक मैनेजमेंट की प्राथमिकता डिपॉजिट ग्रोथ को बनाए रखना और क्रेडिट ग्रोथ का विवेकपूर्ण प्रबंधन करना रहने की उम्मीद है। अपनी मजबूत लायबिलिटी स्ट्रक्चर को लगातार प्रॉफिटेबिलिटी में बदलने और स्वस्थ लिक्विडिटी स्तर बनाए रखने की बैंक की क्षमता आगामी वित्तीय वर्ष में इसके प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होगी। एनालिस्ट प्राइस टारगेट मिश्रित दृश्य दिखाते हैं, कुछ में संभावित अपसाइड दिखाई दे रहा है, जबकि अन्य 'Sell' की सिफारिशें बनाए हुए हैं।