अगस्त महीने में खुदरा महंगाई दर **4.82%** पर पहुंचने के बाद YES Bank ने बड़ा अनुमान जताया है। बैंक का मानना है कि दिसंबर **2026** से RBI ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू कर सकता है।
महंगाई का बढ़ता दबाव
भारत में खुदरा महंगाई (CPI) अगस्त 2026 में 4.82% रही, जो जुलाई के 4.45% से काफी ज्यादा है। इस तेजी के मुख्य कारण खाद्य पदार्थों की कीमतों में 5.95% की बढ़ोतरी और ऊर्जा की बढ़ती लागत है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल $105 से $110 प्रति बैरल के बीच कारोबार कर रहा है, जो भारत के महंगाई आउटलुक के लिए एक बड़ी चुनौती है।
बैंकिंग सेक्टर पर असर
ब्याज दरों में बढ़ोतरी का बैंकिंग सेक्टर पर मिला-जुला असर होता है। जहां एक तरफ बैंक अपने लोन पर बेहतर ब्याज कमाकर अपना नेट इंटरेस्ट मार्जिन सुधार सकते हैं, वहीं दूसरी तरफ कर्ज महंगा होने से क्रेडिट डिमांड में कमी आ सकती है। निवेशक अब बारीकी से नजर रख रहे हैं कि बैंक इस बदलते माहौल में खुद को कैसे ढालते हैं।
YES Bank का प्रदर्शन
YES Bank का हालिया प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। जुलाई में जारी हुए Q1FY27 के नतीजों में बैंक ने 33.7% की सालाना बढ़ोतरी के साथ ₹1,071 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। बैंक ने अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए ₹32,700 करोड़ के FCNR(B) डिपॉजिट जुटाए हैं, जो कुल डिपॉजिट का 10% से ज्यादा है। साथ ही, बैंक ने अपनी कैपिटल बेस को बढ़ाने के लिए ₹16,000 करोड़ तक की फंडरेज़िंग को भी मंजूरी दी है।
आने वाले महीनों में निवेशकों की निगाहें ग्लोबल कमोडिटी कीमतों और RBI की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग पर टिकी रहेंगी।
