YES BANK को ESG स्कोर में मामूली बढ़त, पर 'गवर्नेंस' पर सवाल बरकरार!
YES BANK ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 80.5 का ESG (Environmental, Social, and Governance) स्कोर हासिल किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष के 80.4 के स्कोर की तुलना में 0.1 पॉइंट की मामूली बढ़ोतरी है। कंपनी ने इस स्कोर को SEBI से रजिस्टर्ड ESG रेटिंग प्रोवाइडर SES ESG रिसर्च द्वारा स्वतंत्र मूल्यांकन का नतीजा बताया है।
ESG स्कोर में क्या है खास?
YES BANK के इस स्कोर में तीन मुख्य पिलर का योगदान है: एनवायरनमेंट (Environmental) में 88, सोशल (Social) में 78, और गवर्नेंस (Governance) में 85 का स्कोर रहा है। बैंक ने कहा है कि रिन्यूएबल एनर्जी फाइनेंसिंग और वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) जैसे कदमों ने एनवायरनमेंटल और सोशल परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने में मदद की है।
आखिर यह स्कोर क्यों मायने रखता है?
आज के समय में ESG फैक्टर्स निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स के लिए काफी अहम हो गए हैं। एक अच्छा ESG स्कोर न केवल निवेशक के भरोसे को बढ़ाता है, बल्कि कैपिटल जुटाने और बैंक की ओवरऑल रेपुटेशन के लिए भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, YES BANK के मामले में यह स्कोर कुछ गंभीर 'गवर्नेंस' और 'कंप्लायंस' से जुड़ी चिंताओं के साथ आया है, जो इसके पॉजिटिव ESG परसेप्शन को कम कर सकता है।
पुरानी 'गवर्नेंस' की छाया
YES BANK का इतिहास 'गवर्नेंस' से जुड़ी बड़ी चुनौतियों से भरा रहा है। साल 2020 में, नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) और गवर्नेंस की गड़बड़ियों के कारण बैंक एक गंभीर संकट से गुजरा था, जिसके चलते RBI को हस्तक्षेप करना पड़ा था। इससे पहले, सितंबर 2018 में, RBI ने तत्कालीन CEO राणा कपूर के कार्यकाल को 'गवर्नेंस' की चिंताओं के चलते सीमित कर दिया था। हाल के वर्षों में भी बैंक को कंप्लायंस से जुड़े मुद्दों पर रेगुलेटरी पेनल्टी का सामना करना पड़ा है।
अब आगे क्या?
निवेशक और एनालिस्ट इस 80.5 के ESG स्कोर को रिपोर्ट की गई 'गवर्नेंस' और 'कंप्लायंस' की समस्याओं के साथ देखकर इसका गहराई से विश्लेषण करेंगे। SES ESG की मेथोडोलॉजी के अनुसार, 80.5 का स्कोर 'लो' रिस्क फुटप्रिंट को दर्शाता है, लेकिन लगातार बनी हुई चिंताएं सोशलली रिस्पॉन्सिबल निवेशकों को हतोत्साहित कर सकती हैं या कैपिटल की लागत को प्रभावित कर सकती हैं। बैंक द्वारा इन पहचानी गई जोखिमों को दूर करने और डिस्क्लोजर सुधारने के प्रयासों पर निवेशकों की नजर रहेगी।
इन जोखिमों पर रखें नजर:
- बोर्ड कंप्लायंस: YES BANK का बोर्ड कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 152 के तहत गैर-अनुपालक (non-compliant) है, क्योंकि रोटेशन द्वारा रिटायर होने वाले पर्याप्त डायरेक्टर्स नहीं हैं।
- रेगुलेटरी पेनल्टी: बैंक को हाल ही में RBI से भारी जुर्माना भरना पड़ा है। मई 2024 में ग्राहक सेवा और अकाउंट ऑपरेशन में खामियों के लिए ₹91 लाख, और मई 2025 में FY23-24 में कस्टमर कंप्लेंट की गलत रिपोर्टिंग के लिए ₹29.60 लाख का जुर्माना लगा। फाइलिंग में 10 नॉन-कंप्लायंस के मामले भी बताए गए हैं, जिनके लिए ₹91,85,000 का जुर्माना लगा।
- डेटा प्राइवेसी: FY 2024-25 के दौरान डेटा प्राइवेसी से जुड़ी 28 शिकायतें दर्ज हुईं।
- यौन उत्पीड़न: इसी अवधि में यौन उत्पीड़न (Sexual harassment) से संबंधित 30 शिकायतें सामने आईं।
- कर्मचारी टर्नओवर: परमानेंट कर्मचारियों के 35.50% के उच्च टर्नओवर रेट को भी नोट किया गया है।
आगे क्या ट्रैक करें?
- YES BANK के कंपनी अधिनियम, 2013 के साथ बोर्ड कंप्लायंस को ठीक करने के प्रयास।
- डेटा प्राइवेसी और यौन उत्पीड़न की शिकायतों को दूर करने में हुई प्रगति।
- SES ESG और अन्य रेटिंग एजेंसियों से भविष्य के ESG रेटिंग्स और डिस्क्लोजर।
- RBI की ओर से किसी भी आगे की रेगुलेटरी कार्रवाई या पेनल्टी।
- कर्मचारी रिटेंशन में सुधार और इसके सोशल मेट्रिक्स पर पड़ने वाले प्रभाव के लिए बैंक की रणनीति।