XED Executive का बड़ा फैसला: GIFT City IPO रद्द, प्राइवेट प्लेसमेंट से जुटाएगी **$10 मिलियन**

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AuthorMehul Desai|Published at:
XED Executive का बड़ा फैसला: GIFT City IPO रद्द, प्राइवेट प्लेसमेंट से जुटाएगी **$10 मिलियन**

XED Executive Development ने GIFT City के इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) पर अपना प्रस्तावित IPO रद्द कर दिया है। कंपनी अब पब्लिक लिस्टिंग के बजाय **$10 मिलियन** का प्राइवेट प्लेसमेंट रूट अपनाएगी।

प्राइवेट फंडिंग की ओर कदम

कंपनी ने मार्च में अपना IPO आवेदन दाखिल किया था, लेकिन अब रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए इसे वापस ले लिया है। इस कदम से साफ है कि IFSC एक्सचेंज पर लिक्विडिटी की कमी के कारण अभी कंपनियां पब्लिक लिस्टिंग के बजाय प्राइवेट फंडिंग को प्राथमिकता दे रही हैं। $10 मिलियन की यह नई पूंजी कंपनी को बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद करेगी।

क्यों चुनौतीपूर्ण है GIFT City पर लिस्टिंग?

हालांकि GIFT IFSC को सरकार का मजबूत समर्थन प्राप्त है, लेकिन वहां एक्टिव इन्वेस्टर्स (Active Investors) की संख्या अभी भी काफी कम है। इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ऐसे एक्सचेंज पर ट्रेड करने से हिचकिचाते हैं जहां लिक्विडिटी कम हो, क्योंकि इससे बड़े सौदे करना और शेयर प्राइस को प्रभावित किए बिना बाहर निकलना मुश्किल होता है।

घरेलू बाजारों से कड़ी चुनौती

भारत के मुख्य स्टॉक एक्सचेंज, जैसे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने लिस्टिंग के नियमों को काफी आसान बना दिया है। बिना लंबी प्रॉफिट हिस्ट्री के भी कंपनियां अब लिस्ट हो सकती हैं। इस 'ईज ऑफ एंट्री' के चलते IFSC के मुकाबले घरेलू बाजार निवेशकों और कंपनियों की पहली पसंद बने हुए हैं।

एक्सईड (XED) ने स्पष्ट किया है कि यह GIFT City से बाहर निकलने का संकेत नहीं है। कंपनी भविष्य में मार्केट कंडीशंस सुधरने पर फिर से पब्लिक लिस्टिंग के विकल्प पर विचार कर सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.