Wizz Financial, जिसे पहले Unimoni के नाम से जाना जाता था, अब भारतीय बाजार पर पूरी तरह फोकस कर रही है। कंपनी ने साल 2029 में अपना IPO लाने का लक्ष्य रखा है और टियर-2 से टियर-4 शहरों में अपने गोल्ड लोन और डिजिटल सर्विस का विस्तार कर रही है।
भारत से आ रही है बड़ी कमाई
Wizz Financial ने अपनी पुरानी यूनिट Unimoni को री-ब्रांड करके अब Wizzmoni कर दिया है। कंपनी के कुल ग्लोबल रेवेन्यू में भारत की हिस्सेदारी अब 60% तक पहुंच गई है। इसी को देखते हुए कंपनी अब एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है जहां पेमेंट, इंश्योरेंस और लेंडिंग जैसी तमाम सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलें। कंपनी साल 2027 में फंड जुटाने की तैयारी में है, जो इसके IPO के सफर का एक बड़ा माइलस्टोन होगा।
गोल्ड लोन पर बड़ा दांव
कंपनी का पूरा फोकस अब गोल्ड लोन पोर्टफोलियो को तेजी से बढ़ाने पर है। फिलहाल कंपनी की गोल्ड लोन बुक ₹2,000 करोड़ की है, जिसे अगले साल तक बढ़ाकर ₹4,500 करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुनाफे पर दबाव और चुनौतियां
हालांकि ग्रोथ की इस दौड़ में कंपनी के मुनाफे पर असर पड़ता दिख रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर ₹9 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल ₹31 करोड़ था। यह गिरावट साफ बताती है कि कंपनी फिलहाल इंफ्रास्ट्रक्चर और विस्तार में भारी खर्च कर रही है।
मार्केट में गोल्ड लोन का कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है। साथ ही, RBI की सख्त निगरानी और LTV (Loan-to-Value) जैसे नियमों का पालन करना भी कंपनी के लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी कैसे अपने मार्जिन में सुधार करती है और रेगुलेटरी चुनौतियों के बीच अपना विस्तार जारी रखती है।
