Stablecoin Yields: व्हाइट हाउस का बड़ा खुलासा! बैंकरों के दावे गलत, लेंडिंग पर कोई असर नहीं

BANKINGFINANCE
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AuthorNeha Patil|Published at:
Stablecoin Yields: व्हाइट हाउस का बड़ा खुलासा! बैंकरों के दावे गलत, लेंडिंग पर कोई असर नहीं
Overview

Stablecoin Yields से बैंक लेंडिंग को नुकसान पहुंच रहा है? व्हाइट हाउस की एक रिपोर्ट ने बैंकिंग इंडस्ट्री के इन दावों को सीधे तौर पर गलत साबित कर दिया है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इन yields पर रोक लगाने का क्रेडिट बनाने की क्षमता पर 'नगण्य' (negligible) असर होगा।

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व्हाइट हाउस रिपोर्ट ने बैंकों के दावों को दी चुनौती

बुधवार को जारी हुई व्हाइट हाउस की एक रिपोर्ट बैंकिंग इंडस्ट्री के उन दावों पर सीधे सवाल उठाती है, जिनमें कहा गया था कि stablecoin yields समग्र लेंडिंग को नुकसान पहुंचाती हैं। काउंसिल ऑफ इकोनॉमिक एडवाइजर्स (CEA) द्वारा किए गए इस विश्लेषण में पाया गया है कि इन 'रिवॉर्ड्स' पर रोक लगाने का इस बात पर बहुत कम असर पड़ेगा कि कितना क्रेडिट बनाया जा सकता है।

स्टडी ने कैसे किया प्रभाव का मॉडल तैयार?

अर्थशास्त्रियों ने एक इकोनॉमिक मॉडल का इस्तेमाल किया, जिसमें फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) और एफडीआईसी (FDIC) के डिपॉजिट्स, लेंडिंग और बैंक लिक्विडिटी के डेटा को शामिल किया गया। उन्होंने stablecoin रिजर्व्स पर इंडस्ट्री की रिपोर्ट्स और उपभोक्ताओं द्वारा पैसे को एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करने के विशेषज्ञ अनुमानों को भी देखा। नतीजों से पता चलता है कि क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स से मिलने वाले 'यील्ड-जैसे' रिवॉर्ड्स को सीमित करने से लाभ से ज़्यादा नुकसान हो सकता है, क्योंकि इससे उपभोक्ताओं को मिलने वाले फायदे कम हो जाएंगे और बैंक लेंडिंग में कोई खास इज़ाफा नहीं होगा।

व्हाइट हाउस ने बैंकरों की दलीलों का खंडन किया

यह रिपोर्ट अमेरिकन बैंकर एसोसिएशन (American Bankers Association) की उस दलील का जवाब देती है, जिसके अनुसार stablecoin yields बैंकों से फंड खींच लेती हैं, जिससे लेंडिंग कम हो जाती है। व्हाइट हाउस के अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह दृष्टिकोण वित्तीय गतिशीलता की गलत व्याख्या करता है। stablecoins के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला पैसा अक्सर ट्रेजरी बिलों में लगाया जाता है, जो बाद में अन्य बैंकों में जमा हो जाता है, जिससे कुल डिपॉजिट्स स्थिर बने रहते हैं। इस चक्र का मतलब है कि लेंडिंग पर इसका असर दावों से कहीं ज़्यादा छोटा है।

कम्युनिटी बैंकों पर मामूली असर की आशंका

रिपोर्ट कम्युनिटी बैंकों द्वारा जताई गई चिंताओं को भी संबोधित करती है कि उन्हें सबसे ज़्यादा नुकसान होगा। इसमें अनुमान लगाया गया है कि अगर yields पर रोक लगाई गई, तो लेंडिंग में किसी भी संभावित वृद्धि का केवल लगभग $500 मिलियन, या 0.026% ही कम्युनिटी बैंकों को प्रभावित करेगा। चूंकि अधिकांश stablecoin गतिविधि पहले से ही बड़ी फर्मों के साथ है, इसलिए छोटे उधारदाताओं (lenders) पर वास्तविक प्रभाव बहुत मामूली रहने की उम्मीद है।

उपभोक्ता लाभ और भविष्य के कानून

Stablecoin yields को हटाने से डॉलर-आधारित संपत्ति के इस बढ़ते प्रकार पर उपयोगकर्ताओं के रिटर्न कम हो जाएंगे, जिससे उपभोक्ताओं के लिए कुल लागत बढ़ जाएगी। स्टडी का तर्क है कि नीति निर्माताओं को stablecoin yields को प्रतिबंधित करने से व्यापक अर्थव्यवस्था को स्पष्ट लाभ दिखाना होगा। यह विश्लेषण कांग्रेस में डिजिटल एसेट लेजिस्लेशन पर चल रही चर्चाओं को प्रभावित कर सकता है, जहाँ विधायक लंबे समय से प्रतीक्षित बिल को आगे बढ़ाने के लिए एक समझौते पर काम कर रहे हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.