Welspun Corp: प्रमोटर्स बेचेंगे 2.4% हिस्सेदारी, ₹1,417 करोड़ जुटाने की तैयारी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Welspun Corp: प्रमोटर्स बेचेंगे 2.4% हिस्सेदारी, ₹1,417 करोड़ जुटाने की तैयारी

Welspun Corp के प्रमोटर ग्रुप, जिसमें CEO विपुल माथुर भी शामिल हैं, **26 अगस्त 2026** को ब्लॉक डील के ज़रिए **63 लाख शेयर** बेचेंगे। इन शेयरों की कीमत **₹2,250** रखी गई है, जो मौजूदा बाजार भाव से **4.1%** कम है। यह कदम स्टॉक में आई बड़ी तेज़ी के बाद उठाया जा रहा है।

प्रमोटरों की बड़ी बिक्री!

Welspun Corp 26 अगस्त 2026 को एक बड़े ब्लॉक डील के लिए तैयार है। कंपनी का प्रमोटर ग्रुप, जिसमें मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO विपुल माथुर भी शामिल हैं, 63 लाख शेयर तक बेचने की योजना बना रहा है। इस डील का कुल मूल्य करीब ₹1,417 करोड़ (लगभग $149 मिलियन) होने का अनुमान है।

शेयरों की फ्लोर प्राइस ₹2,250 प्रति शेयर रखी गई है। यह कीमत 25 अगस्त 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर स्टॉक के क्लोजिंग प्राइस ₹2,345.5 से करीब 4.1% कम है। यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि यह एक सेकेंडरी सेल है, जिसका मतलब है कि इस डील से प्राप्त पैसा सीधे बेचने वाले प्रमोटरों को जाएगा, न कि कंपनी के बिज़नेस के लिए।

कंपनी की हालिया तूफानी परफॉर्मेंस

प्रमोटरों की इस बिक्री से पहले कंपनी ने हाल ही में काफी सुर्खियां बटोरी हैं। 20 अगस्त 2026 को Welspun Corp ने अमेरिका से $1.8 बिलियन (लगभग ₹17,200 करोड़) के पाइप सप्लाई का रिकॉर्ड ऑर्डर हासिल करने की घोषणा की थी। इस ऑर्डर से कंपनी का ग्लोबल ऑर्डर बुक $4.4 बिलियन (लगभग ₹42,100 करोड़) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इसके अलावा, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत भी शानदार की है। Q1 FY27 में नेट प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में 42% बढ़कर ₹499 करोड़ रहा, जिसमें EBITDA मार्जिन में 270 बेसिस पॉइंट का सुधार देखा गया।

निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?

इस तरह के ब्लॉक डील से कभी-कभी शेयर की कीमत में थोड़ी अस्थिरता आ सकती है। जब बड़ी संख्या में शेयर डिस्काउंट पर बेचे जाते हैं, तो अचानक सप्लाई बढ़ने से शेयर की कीमत पर अस्थायी दबाव पड़ सकता है। हालांकि प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं, कंपनी का हालिया ऑपरेशनल परफॉर्मेंस काफी मज़बूत रहा है, जिसमें बड़े ऑर्डर और बेहतर मुनाफा शामिल है।

आगे चलकर, शेयरधारकों के लिए सबसे अहम होगा कि कंपनी आने वाले सालों (FY28 और FY29) में इस बड़े ग्लोबल ऑर्डर बुक को कैसे पूरा करती है। लंबी अवधि की विजिबिलिटी तो मजबूत दिख रही है, लेकिन एनालिस्ट्स का मानना है कि इस साल की तेज़ बढ़ोतरी के बाद कंपनी का मौजूदा वैल्यूएशन थोड़ा महंगा हो सकता है। निवेशक यह भी देखेंगे कि कंपनी मार्जिन प्रदर्शन को बनाए रख पाती है या नहीं और आने वाली तिमाहियों में ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की टाइमलाइन और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे जोखिमों का प्रबंधन कैसे करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.