Vodafone Idea को बड़ी राहत मिली है। कंपनी ने State Bank of India (SBI) के नेतृत्व में एक कंसोर्टियम से **₹35,000 करोड़** की कर्ज सुविधा हासिल की है। यह फंड मुख्य रूप से 4G और 5G नेटवर्क विस्तार पर खर्च किया जाएगा।
फंडिंग की पूरी स्ट्रक्चर
इस डील के तहत ₹25,000 करोड़ का टर्म लोन मिलेगा, जबकि ₹10,000 करोड़ की राशि नॉन-फंडेड सुविधाओं के रूप में दी जाएगी। इस कर्ज के लिए SBI के साथ-साथ Union Bank of India और NaBFID जैसे बड़े संस्थान भी शामिल हैं।
शर्त में छिपा है बड़ा ट्विस्ट
इस एग्रीमेंट की सबसे अहम शर्त लीडरशिप से जुड़ी है। लोन की 10 साल की अवधि के दौरान कुमार मंगलम बिड़ला को कंपनी का चेयरमैन बने रहना होगा। यह शर्त कंपनी के भविष्य के बिजनेस प्लान को लेकर स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए रखी गई है।
कंपनी का करंट परफॉरमेंस
वित्तीय मोर्चे पर देखें तो कंपनी की स्थिति सुधरती दिख रही है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में नेट लॉस घटकर ₹3,754 करोड़ पर आ गया है। साथ ही, कंपनी का ARPU (Average Revenue Per User) बढ़कर ₹195 हो गया है, जो ग्राहकों से मिलने वाले रेवेन्यू में सुधार का संकेत है।
आगे की चुनौतियां
मौजूदा दौर में टेलीकॉम सेक्टर में Reliance Jio और Bharti Airtel से कड़ी टक्कर मिल रही है। कंपनी का लक्ष्य हर महीने 3,000 से 3,500 नए नेटवर्क साइट्स लगाने का है। हालांकि, भारी कर्ज और सरकारी देनदारियों का बोझ अभी भी कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि कंपनी इन फंड्स का उपयोग कितनी तेजी से नेटवर्क विस्तार में कर पाती है।
