Vivriti Asset Management: निवेशकों की बल्ले-बल्ले, Vintage II फंड से ₹2,260 करोड़ का पेआउट

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AuthorNeha Patil|Published at:
Vivriti Asset Management: निवेशकों की बल्ले-बल्ले, Vintage II फंड से ₹2,260 करोड़ का पेआउट

Vivriti Asset Management ने अपने Vintage II प्राइवेट क्रेडिट फंड्स का समापन कर दिया है और निवेशकों को कुल **₹2,260 करोड़** वापस लौटाए हैं। वर्ष **2022** से शुरू हुए इस फंड ने **45** कंपनियों में निवेश किया था।

मुनाफे का गणित और परफॉर्मेंस

इस फंड ने रिस्क प्रोफाइल के आधार पर दो स्कीम चलाई थीं। मॉडरेट-रिस्क स्कीम ने निवेशकों को 13% का नेट रिटर्न दिया, जबकि कंजरवेटिव स्कीम, जो मुख्य रूप से 'A' रेटिंग वाली कंपनियों पर केंद्रित थी, ने 10.5% का नेट रिटर्न कमाया। ये आंकड़े मैनेजमेंट फीस और अन्य ऑपरेशनल खर्चों को काटने के बाद हैं। बता दें कि 'Vintage I' और 'Vintage II' दोनों फंड्स को मिलाकर कंपनी अब तक कुल ₹3,400 करोड़ से ज्यादा की राशि निवेशकों को लौटा चुकी है।

प्राइवेट क्रेडिट के जोखिम और चुनौतियां

हालांकि यह रिटर्न प्रभावशाली दिखता है, लेकिन प्राइवेट क्रेडिट में निवेश के अपने अलग जोखिम हैं। ये फंड्स गैर-सूचीबद्ध (unlisted) कंपनियों को लोन देते हैं, जिनमें पब्लिक मार्केट के शेयरों की तरह लिक्विडिटी नहीं होती। अगर पोर्टफोलियो वाली कंपनियों को कैश-फ्लो की समस्या होती है, तो फंड मैनेजर के लिए पैसा निकालना मुश्किल हो सकता है।

रेगुलेटरी नजरिया

निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सेबी (SEBI) अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs) के लिए नियमों को सख्त कर रहे हैं। पारदर्शिता बढ़ाने और सिस्टमिक रिस्क को कम करने के लिए लाए जा रहे ये नए नियम भविष्य में फंड्स की काम करने की क्षमता और लिवरेज मैनेजमेंट को प्रभावित कर सकते हैं। चूंकि Vivriti Asset Management एक प्राइवेट एंटिटी है और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, इसलिए इसके फैसलों पर स्टॉक एक्सचेंज का कोई सीधा रिएक्शन नहीं आता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.