कर्ज़ के बोझ से राहत की कोशिश
अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली Vedanta Resources अपने होल्डिंग कंपनी के कर्ज़ के बड़े पुनर्गठन पर ग्लोबल बैंकों के साथ चर्चा कर रही है। लंदन स्थित यह पैरेंट कंपनी $5.25-5.5 बिलियन (लगभग ₹43,000-45,000 करोड़) के कर्ज़ को रीफाइनेंस करना चाहती है। इस योजना के तहत $3.5-3.7 बिलियन (करीब ₹29,000-31,000 करोड़) के 10-साल के बॉन्ड जारी किए जाएंगे और $1.5-1.7 बिलियन (लगभग ₹12,500-14,000 करोड़) का पांच-साल का लोन लिया जाएगा।
कर्ज़ और डिविडेंड का तालमेल
इस रीफाइनेंसिंग का मुख्य उद्देश्य कर्ज़ चुकाने की समय-सीमा को Vedanta के ऑपरेटिंग बिजनेस से मिलने वाले डिविडेंड (Dividend) की नियमित आमदनी से मिलाना है। इससे पहले कंपनी को अक्सर कमोडिटी की कीमतों में आई गिरावट के मुश्किल दौर में भारी-भरकम एकमुश्त भुगतान का सामना करना पड़ता था, जो समूह के लिए एक बड़ी चिंता का विषय रहा है।
ग्लोबल बैंकें भी शामिल
खबरों के मुताबिक, Vedanta Resources के मैनेजमेंट ने हाल ही में कम से कम आठ ग्लोबल फाइनेंशियल संस्थानों से मुलाकात की है। इन चर्चाओं में Citi, JP Morgan, Mashreq Bank, First Abu Dhabi Bank, Sumitomo Mitsui Banking Corporation, Barclays, Standard Chartered और Deutsche Bank जैसे बड़े बैंक शामिल थे। हालांकि, कुछ बैंकों ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, लेकिन इन मुलाकातों से Vedanta के बड़े वित्तीय दांव का संकेत मिलता है।
वित्तीय स्थिरता और भविष्य का अनुमान
फरवरी तक, Vedanta Resources पर होल्डिंग कंपनी का लगभग $5.5 बिलियन (₹45,000 करोड़) का कर्ज़ था। अगले तीन वर्षों के लिए कंपनी पर सालाना $500-600 मिलियन (₹400-500 करोड़) का कर्ज़ चुकाना है, जो FY30 में बढ़कर लगभग $1.25 बिलियन (₹10,400 करोड़) हो जाएगा।
विश्लेषकों का अनुमान है कि तेल और गैस को छोड़कर, समूह की अधिकांश लिस्टेड कंपनियों के लिए FY26-28 के बीच EBITDA में 19-42% की शानदार CAGR ग्रोथ देखने को मिलेगी। यह वृद्धि एल्युमीनियम प्रोजेक्ट्स और कीमतों में संभावित सुधार से प्रेरित होगी। S&P Global का अनुमान है कि FY27-28 तक Vedanta का EBITDA $7 बिलियन (₹58,000 करोड़) तक पहुंच सकता है, जिससे एडजस्टेड कर्ज़ $500 मिलियन से $1 बिलियन (₹4,150-8,300 करोड़) तक कम हो सकता है। Fitch Ratings ने कंपनी की सक्रिय रीफाइनेंसिंग और वित्तीय अनुशासन में सुधार पर भी गौर किया है, और उम्मीद जताई है कि ब्रांड फीस और डिविडेंड FY29 तक सालाना $800 मिलियन से $1 बिलियन (₹6,600-8,300 करोड़) के होल्डको कर्ज़ सर्विसिंग को कवर करने में सक्षम होंगे।
