Vedanta ने चालू फाइनेंशियल ईयर में अपना पहला कदम उठाते हुए ₹3,500 करोड़ के बॉन्ड जारी करने की योजना बनाई है। इन तीन साल के बॉन्ड्स पर कंपनी **8.75%** का ब्याज (कूपन) ऑफर कर रही है, जो मार्च में हुई पिछली फंड-रेजिंग के मुकाबले सस्ता है।
बाजार की चाल और रणनीति
Vedanta ने यह बॉन्ड इश्यू ऐसे समय में पेश किया है जब अक्टूबर में Reserve Bank of India की मॉनेटरी पॉलिसी बैठक होने वाली है। कंपनी का मकसद ब्याज दरों के मोर्चे पर किसी भी बदलाव से पहले अपनी फंडिंग सुरक्षित करना है। यह बॉन्ड इश्यू Icra और Crisil द्वारा AA+ रेटिंग के साथ आया है, जो कंपनी की पेमेंट क्षमता पर भरोसे को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए 'सुरक्षा कवच'
इस इश्यू की सबसे बड़ी खासियत इसका 'स्टेप-अप' (Step-up) क्लॉज है। अगर कंपनी की क्रेडिट रेटिंग AA+ से गिरकर AA- तक आती है, तो निवेशकों को मिलने वाला ब्याज 0.50% बढ़ जाएगा। इतना ही नहीं, इसके बाद हर एक पायदान की गिरावट पर ब्याज दर 0.25% और बढ़ जाएगी। यह मैकेनिज्म निवेशकों के लिए रिस्क को कम करने का काम करेगा।
पुरानी तुलना में सस्ता कर्ज
पिछले मार्च में कंपनी ने ₹2,575 करोड़ 8.95% की ब्याज दर पर जुटाए थे। इस बार 8.75% पर फंड जुटाना संकेत देता है कि कंपनी की बॉरोइंग कॉस्ट में सुधार हुआ है। हालांकि, निवेशकों को कंपनी के कर्ज के स्तर और क्रेडिट रेटिंग पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है, क्योंकि रेटिंग में बदलाव का सीधा असर कंपनी के खर्चों पर पड़ेगा।
