वित्तीय फर्म Valtrust का मानना है कि RBI अपनी पॉलिसी को सख्त कर सकता है। दिसंबर तक रेपो रेट में **25 बेसिस पॉइंट** की बढ़ोतरी की संभावना है।
रेपो रेट बढ़ने के संकेत
Valtrust के डायरेक्टर राहुल भुटोरिया के मुताबिक, घरेलू महंगाई, मानसून में अनिश्चितता और खाने-पीने की चीजों की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण RBI अक्टूबर से ही सख्त रुख अपना सकता है। अगर भारतीय रुपये में और गिरावट आती है, तो यह दरें अक्टूबर में ही बढ़ सकती हैं। आम निवेशकों के लिए इसका सीधा मतलब है कि होम, ऑटो और पर्सनल लोन की ईएमआई (EMI) महंगी हो सकती है क्योंकि बैंक अपनी लेंडिंग रेट्स बढ़ा देंगे।
कॉरपोरेट मुनाफे पर मार
महंगे 'ब्रेंट क्रूड' (Brent Crude) के कारण कंपनियों के इनपुट कॉस्ट में बड़ा इजाफा हुआ है। एविएशन, केमिकल और पेंट जैसी सेक्टर की कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव है। कमजोर डिमांड के कारण कंपनियां बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल पा रही हैं। ऐसे में एक्सपर्ट्स की सलाह है कि सिर्फ तिमाही नतीजों के बजाय मैनेजमेंट की ग्रोथ कमेंट्री पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
ग्लोबल मार्केट और विदेशी निवेश
अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड के उच्च स्तर पर रहने से भारत और अमेरिका के बीच ब्याज दरों का अंतर कम हो गया है। इससे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के लिए भारतीय बाजार का आकर्षण थोड़ा कम हुआ है, जिससे बिकवाली का डर बना हुआ है। हालांकि, घरेलू निवेशकों की SIP का पैसा बाजार को सपोर्ट दे रहा है।
इंश्योरेंस सेक्टर में बदलाव
IRDAI के नए रेगुलेटरी बदलावों से इंश्योरेंस सेक्टर की चिंताएं बढ़ी हैं। कमीशन और मैनेजमेंट खर्च पर सख्त कैप लगने से PB Fintech जैसे डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म्स के मुनाफे पर असर पड़ सकता है। वहीं, SBI Life जैसी बड़ी कंपनियां, जिनके पास डिस्ट्रीब्यूशन का बड़ा नेटवर्क है, इन नए नियमों को बेहतर ढंग से मैनेज कर सकती हैं।
