VLS Finance Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! घाटे से निकली कंपनी, ₹100 Cr Buyback भी पूरा, शेयर क्यों भागा?

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AuthorNeha Patil | Whalesbook News Team

Overview

VLS Finance Limited ने अपने Q3 FY26 के नतीजों से निवेशकों को खुश कर दिया है। कंपनी ने पिछले साल के बड़े घाटे को पीछे छोड़ते हुए शानदार **मुनाफा** दर्ज किया है। इस उलटफेर की मुख्य वजह 'फेयर वैल्यू पर संपत्ति के मूल्य में बदलाव' (fair value changes) से हुआ भारी फायदा है। इतना ही नहीं, कंपनी ने **₹100 करोड़** का शेयर बायबैक (share buyback) भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

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मुनाफे में कैसे आई VLS Finance?

कंपनी के स्टैंडअलोन नतीजों के मुताबिक, Q3 FY26 में ₹1,478.71 लाख का नेट प्रॉफिट हुआ, जबकि पिछले साल (Q3 FY25) इसी अवधि में ₹5,428.16 लाख का भारी घाटा था। टोटल इनकम भी बढ़कर ₹2,682.38 लाख हो गई, जो पिछले साल ₹(5,734.49) लाख थी।

कंसोलिडेटेड (Consolidated) आंकड़ों पर नजर डालें तो नेट प्रॉफिट ₹1,804.71 लाख रहा, जबकि Q3 FY25 में ₹5,830.87 लाख का घाटा था। कंसोलिडेटेड टोटल इनकम ₹3,160.84 लाख पर पहुंच गई, जो पिछले साल ₹(6,069.46) लाख थी।

9 महीने (9M FY26) की बात करें तो स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹8,081.21 लाख रहा, जो पिछले साल से 5.8% कम है। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹9,629.29 लाख पर पहुंच गया, जो पिछले साल से 11.9% ज्यादा है।

Q3 FY26 के लिए स्टैंडअलोन बेसिक ईपीएस (EPS) ₹4.35 रहा, जो पिछले साल के ₹(15.74) के मुकाबले काफी सुधरा है। कंसोलिडेटेड ईपीएस ₹5.31 रहा, जो पिछले साल के ₹(16.90) से बढ़ा है।

सबसे बड़ा सहारा: फेयर वैल्यू गेन

इस तिमाही में मुनाफे का सबसे बड़ा जरिया 'नेट गेन ऑन फेयर वैल्यू चेंजेस' (Net gain on fair value changes) रहा। स्टैंडअलोन ऑपरेशन में यह गेन Q3 FY26 में ₹2,061.38 लाख रहा, जो Q3 FY25 के ₹(6,408.03) लाख के घाटे से एक बड़ा सुधार है। कंसोलिडेटेड स्तर पर भी ऐसा ही पैटर्न दिखा, जहां ₹2,533.19 लाख का गेन हुआ, जबकि पिछले साल ₹(6,329.76) लाख का घाटा था। यह ध्यान रखना अहम है कि ऐसे गेन बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करते हैं।

पिछले साल (Q3 FY25) के घाटे का एक कारण 'इम्पेयरमेंट ऑन फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स' (Impairment on financial instruments) था, जिससे तिमाही में ₹1,000.00 लाख और 9 महीनों में ₹2,000.00 लाख का असर पड़ा था। इस बार ऐसी कोई बड़ी इम्पेयरमेंट दर्ज नहीं की गई है।

₹100 करोड़ का शेयर बायबैक पूरा

कंपनी ने 18-24 दिसंबर, 2025 के बीच ₹100 करोड़ का शेयर बायबैक (share buyback) भी पूरा कर लिया है। इस दौरान 26,31,578 इक्विटी शेयर्स को ₹380 प्रति शेयर के भाव पर खरीदा गया। इन शेयर्स को 13 जनवरी, 2026 को रद्द (extinguished) कर दिया गया। बायबैक के बाद बकाया शेयर्स की संख्या कम होने से EPS की गणना पर असर पड़ा है।

हालांकि, तिमाही नतीजे शानदार रहे हैं, लेकिन 'फेयर वैल्यू गेन' पर निर्भरता से कंपनी के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहती है। निवेशकों को इन गेन्स की स्थिरता और कंपनी के मुख्य बिजनेस के प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए।

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