Utkarsh Small Finance Bank ने Q2 में लोन डिस्बर्समेंट में **55%** का बड़ा उछाल दर्ज किया है। बैंक अब माइक्रोफाइनेंस के बजाय नॉन-JLG सेगमेंट पर फोकस बढ़ा रहा है, जिसका असर उसके पोर्टफोलियो मिक्स पर साफ दिख रहा है।
बदलती रणनीति और पोर्टफोलियो का नया स्वरूप
Utkarsh Small Finance Bank (USFB) ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की दूसरी तिमाही में जबरदस्त बिजनेस ग्रोथ दिखाई है। बैंक ने कुल ₹3,525 करोड़ के लोन डिस्बर्स किए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 54.9% ज्यादा हैं। बैंक अपनी पारंपरिक जॉइंट लायबिलिटी ग्रुप (JLG) माइक्रोफाइनेंस बिजनेस से हटकर नॉन-JLG सेगमेंट की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इस तिमाही में नॉन-JLG डिस्बर्समेंट में 94.2% का उछाल आया और यह ₹2,602 करोड़ पर पहुंच गया है। अब बैंक का JLG-टू-नॉन-JLG मिक्स 26:74 हो गया है, जो पिछले साल 41:59 था।
एसेट क्वालिटी और डिपॉजिट में मजबूती
तेजी से बदलते लोन मिक्स के बावजूद बैंक ने अपनी एसेट क्वालिटी को बेहतर बनाए रखा है। X-बकेट कलेक्शन एफिशिएंसी 99.53% पर मजबूत बनी हुई है। इसके अलावा, तनावग्रस्त लोन ट्रैक करने वाला SMA पूल भी पिछले साल के 4.87% से गिरकर 1.48% पर आ गया है। फंड जुटाने के मोर्चे पर भी बैंक को राहत मिली है; कुल डिपॉजिट 6.6% बढ़कर ₹23,869 करोड़ हो गए हैं और CASA रेश्यो भी 20% से बढ़कर 21.5% पर पहुंच गया है।
निवेशकों के लिए बड़ी चुनौती
ऑपरेशनल ग्रोथ और बेहतर एसेट क्वालिटी के बावजूद बैंक के सामने सबसे बड़ी चुनौती मुनाफे में वापसी की है। पिछले कुछ समय से बैंक को नेट लॉस (Net Loss) का सामना करना पड़ा है। मार्केट की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या यह आक्रामक विस्तार और बिजनेस मॉडल में किया गया बदलाव भविष्य में बैंक को कंसिस्टेंट प्रॉफिट दिला पाएगा या नहीं। मैनेजमेंट की आने वाली कमेंट्री पर निवेशकों की निगाहें बनी रहेंगी।
