Utkarsh Small Finance Bank (SFB) के लिए Q3 FY26 की तिमाही में मायूसी भरा नतीजा आया है। बैंक ने ₹375 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) रिपोर्ट किया है। यह घाटा मुख्य तौर पर पुरानी देनदारियों (legacy stress) और बढ़े हुए क्रेडिट कॉस्ट (Credit Costs) का नतीजा है। हालांकि, बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) 20.1% पर मजबूत बना हुआ है, जिसे नवंबर 2025 में हुए ₹950 करोड़ के राइट्स इशू (Rights Issue) का सहारा मिला है।
📉 नतीजों की गहराई
- सबसे बड़ा कारण: इस भारी घाटे की जड़ें बैंक के पुराने पोर्टफोलियो में दबाव और उससे जुड़े बढ़े हुए क्रेडिट कॉस्ट में हैं। मैनेजमेंट ने साफ कहा है कि उन्होंने ज्वाइंट लायबिलिटी ग्रुप (JLG) पोर्टफोलियो पर लगाम लगाई है, जिसमें 16% की सालाना (YoY) गिरावट देखी गई। मकसद अब तेज ग्रोथ की बजाय कलेक्शन पर फोकस करना है, ताकि भविष्य में कमाई की क्वालिटी सुधर सके।
- रणनीतिक बदलाव: बैंक ने लागत कम करने और अपनी वित्तीय सेहत सुधारने पर जोर दिया है। JLG पोर्टफोलियो को कम करने और सुरक्षित कर्ज (secured assets) की ओर बढ़ना, बदलते रेगुलेटरी माहौल और पिछली एसेट क्वालिटी की दिक्कतों का जवाब है। मैनेजमेंट के मुताबिक, FY26 को एक स्ट्रैटेजिक रीकैलिब्रेशन (strategic recalibration) का साल माना जा रहा है, और FY27 से ग्रोथ की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।
🚀 सुरक्षित कर्ज की ओर बड़ा कदम
Utkarsh SFB अपने लोन पोर्टफोलियो को नए सिरे से सजा रहा है। माइक्रो बैंकिंग बिजनेस लोन (MBBL) पोर्टफोलियो में जबरदस्त 80% की सालाना (YoY) ग्रोथ देखने को मिली है, जो अब माइक्रो बैंकिंग लोन बुक का 19% हिस्सा है। नॉन-JLG सेगमेंट में भी अच्छी तेजी है: MSME लोन 24% YoY बढ़े हैं, हाउसिंग लोन 13% YoY और बिजनेस बैंकिंग ग्रुप (BBG) पोर्टफोलियो 22% YoY बढ़ा है। इसी का नतीजा है कि सुरक्षित कर्ज (secured lending) अब बैंक की कुल लोन बुक का 50% हो गया है, जो एक साल पहले 41% था।
लायबिलिटी साइड (Liability Side) की बात करें तो, कुल डिपॉजिट (Deposits) में 5% की सालाना (YoY) बढ़ोतरी हुई है। रिटेल टर्म डिपॉजिट (Retail Term Deposits) में खास तौर पर 24% का उछाल आया है। CASA डिपॉजिट में भी 16% YoY की अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई, जिससे CASA + RTD रेश्यो 82% पर पहुंच गया। इससे होलसेल फंडिंग पर निर्भरता कम हुई है। इस तिमाही में NRI सर्विसेज की शुरुआत भी बैंक के विविधीकरण (diversification) प्रयासों को दिखाती है। फंड की लागत (Cost of Funds) पिछली तिमाही (QoQ) की तुलना में 20 bps घटकर 8.1% पर आ गई है।
🚩 जोखिम और भविष्य की राह
- मुख्य जोखिम: सबसे बड़ा जोखिम बची हुई पुरानी देनदारियों (legacy stress) को प्रभावी ढंग से संभालने और सुलझाने का है। अगर क्रेडिट कॉस्ट ऊंची बनी रहती है, तो मुनाफे की राह लंबी हो सकती है। इसके अलावा, नए सुरक्षित कर्ज वाले सेगमेंट को तेजी से बढ़ाने में एक्जीक्यूशन रिस्क (execution risks) भी हैं, जिन पर बारीकी से नजर रखनी होगी।
- भविष्य की योजना: Utkarsh SFB ने आने वाले 2 से 3 सालों में लोन बुक में 25% से 30% की ग्रोथ का लक्ष्य रखा है, जिसमें सुरक्षित कर्ज का हिस्सा 50% से ऊपर जाएगा। बैंक का अनुमान है कि FY28 तक नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) लगभग 8.5% और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) करीब 15% तक पहुंच जाएगा। FY27 के लिए क्रेडिट कॉस्ट गाइडेंस 3% से 3.5% रखा गया है, और FY28 तक इसे 2.5% से नीचे लाने की उम्मीद है। होल्डिंग कंपनी के मर्जर की रिवर्स प्लानिंग भी एक बड़ा डेवलपमेंट है, जिसके लिए NCLT में याचिका दायर हो चुकी है।
Utkarsh 2.0 टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट (Technology Transformation Project) से ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) बढ़ाई जा रही है। क्रेडिट गारंटी कवरेज के लिए CGFMU के साथ रजिस्ट्रेशन, जो अब माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो का लगभग 50% कवर करता है, जोखिम कम करने की दिशा में एक अहम कदम है। FY26 जहां एक रीकैलिब्रेशन का साल है, वहीं FY27 के बाद से आउटलुक ज्यादा ग्रोथ-उन्मुख और विविध दिख रहा है।