तिमाही नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
तिमाही प्रदर्शन:
31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही में, Utkarsh Small Finance Bank की कुल आय 13% घटकर ₹901.71 करोड़ रही, जबकि पिछले साल यह ₹1,037.92 करोड़ थी। इस दौरान बैंक का नेट लॉस बढ़कर ₹375.02 करोड़ हो गया, जो पिछले साल के ₹348.46 करोड़ के घाटे से अधिक है।
नौ महीनों का प्रदर्शन:
इस फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों (31 दिसंबर, 2025 तक) में, बैंक की कुल आय 10.7% की गिरावट के साथ ₹2,857.68 करोड़ रही, जो पिछले साल ₹3,198.03 करोड़ थी। वहीं, इस अवधि में नेट लॉस बढ़कर ₹1,101.59 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹962.96 करोड़ था।
परिसंपत्ति की गुणवत्ता पर असर:
बैंक की एसेट क्वालिटी में गिरावट के संकेत मिले हैं। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) बढ़कर 4.48% हो गए, जो पिछले साल 2.50% थे। हालांकि, नेट एनपीए 1.36% बताए गए हैं, जो पिछले साल के 3.51% से कम हैं। बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) थोड़ा गिरकर 20.11% रहा, जो पिछले साल 21.10% था। बैंक का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो भी बढ़कर 0.89 हो गया है, जो पिछले साल 0.60 था।
कॉर्पोरेट एक्शन और विस्तार योजनाएं
विलय (Amalgamation): बैंक अपनी प्रमोटर कंपनी Utkarsh CoreInvest Limited के साथ विलय की प्रक्रिया पर आगे बढ़ रहा है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में याचिका दायर हो चुकी है और ऑर्डर का इंतजार है, जो इस कंसॉलिडेशन की ओर एक बड़ा कदम होगा।
पूंजी जुटाना: बैंक ने इस फाइनेंशियल ईयर के दौरान ₹949.08 करोड़ का राइट्स इश्यू सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिसका मकसद अपनी कैपिटल बेस को मजबूत करना है।
अन्य खर्च: नए लेबर कोड लागू होने के कारण बैंक को ₹6.13 करोड़ का एकमुश्त खर्च भी वहन करना पड़ा है।