Union Bank Share Price: नतीजों के बाद गिरी Union Bank, NII में गिरावट और प्रोविज़न्स में भारी उछाल

BANKINGFINANCE
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Union Bank Share Price: नतीजों के बाद गिरी Union Bank, NII में गिरावट और प्रोविज़न्स में भारी उछाल
Overview

Union Bank of India के शेयर नतीजों के बाद गिर गए। बैंक ने चौथी तिमाही (Q4) में **1%** की गिरावट के साथ **₹9,406 करोड़** का नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) दर्ज किया। साथ ही, प्रोविज़न्स (Provisions) में **227%** का भारी उछाल आया, जो **₹1,055 करोड़** पर पहुंच गया। हालांकि, बैंक का नेट प्रॉफिट (PAT) साल-दर-साल **7%** बढ़कर **₹5,316 करोड़** रहा और ग्रॉस NPA भी सुधरकर **2.82%** हो गया।

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नतीजों पर शेयर में गिरावट, प्रोविज़न्स बने चिंता का सबब

Union Bank of India के शेयर 24 अप्रैल को गिरावट के साथ खुले, क्योंकि निवेशकों की नज़रें बैंक के चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों पर थीं। मार्केट ने 1% की साल-दर-साल (YoY) गिरावट को तुरंत भुनाया, जिससे नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) घटकर ₹9,406 करोड़ रह गया। यह तब हुआ जब नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 7% की सालाना बढ़त के साथ ₹5,316 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया।

प्रोविज़न्स में बड़ी बढ़ोतरी, एसेट क्वालिटी में सुधार

निवेशकों का ध्यान खासकर प्रोविज़न्स (Provisions) में आई जबरदस्त बढ़ोतरी पर गया, जो पिछले तिमाही के ₹322 करोड़ से 227% बढ़कर ₹1,055 करोड़ पर पहुंच गया। हैरानी की बात यह है कि इसी दौरान एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में सुधार देखा गया। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेश्यो में 24 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई और यह 2.82% पर आ गया, वहीं नेट NPA रेश्यो भी 3 बेसिस पॉइंट सुधरकर 0.48% पर पहुंच गया। प्रोविज़न्स में बढ़ोतरी और NPA में कमी के इस विरोधाभास से बाजार यह सवाल पूछ रहा है कि क्या बैंक के रिस्क मैनेजमेंट में कोई दिक्कत है या भविष्य में लोन को लेकर कोई तनाव आने की आशंका है। बैंक ने ₹5 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) का भी ऐलान किया है, जो शेयरहोल्डर की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

ब्रोकरेज की मिली-जुली राय

फाइनेंशियल एनालिस्ट्स (Financial Analysts) की Union Bank पर राय बंटी हुई है। Kotak Securities ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹210 का टारगेट प्राइस दिया है, जो पिछले बंद भाव ₹179.7 से 30% की बढ़त का संकेत देता है। Kotak ने तिमाही नतीजों को मजबूत बताया है। वहीं, UBS ने 'Neutral' रेटिंग के साथ ₹195 का टारगेट दिया है। UBS का मानना है कि यह तिमाही कमजोर थी और प्रॉफिट में बढ़ोतरी मुख्य रूप से कम ऑपरेटिंग कॉस्ट और प्रोविज़न्स के कारण हुई है, न कि NII ग्रोथ की वजह से। यह अंतर बैंक की रिपोर्टेड एसेट क्वालिटी गेन्स और प्रोविज़न्स में बढ़ोतरी के साथ-साथ NII दबाव के बीच चल रही बहस को दर्शाता है।

वैल्यूएशन और प्रतिस्पर्धी परिदृश्य

Union Bank का पिछले बारह महीनों (TTM) का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 7.15-8.03 के बीच है। यह वैल्यूएशन (Valuation) अपने साथियों जैसे Punjab National Bank (PNB) के करीब 7.37 और Bank of Baroda (BoB) के 7.55 से प्रतिस्पर्धी है, लेकिन State Bank of India (SBI) के करीब 12.23 से कम है। IDFC First Bank का P/E रेश्यो 35 से ऊपर है, जो अलग वैल्यूएशन के नजरिये को दिखाता है। भारतीय बैंकिंग सेक्टर आम तौर पर स्थिर है, और सरकारी बैंकों से Q4 FY26 में मुनाफा घटने की उम्मीद है। Nifty PSU Bank इंडेक्स में भी उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिसमें मार्च 2026 में भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण तेज गिरावट आई थी, जिसके बाद रिकवरी हुई। Union Bank के शेयर 24 अप्रैल को इसी संदर्भ में 2% से अधिक गिरे। ऐतिहासिक रूप से, बैंक के शेयर 2022, 2023 और 2025 में बढ़े थे, जबकि 2024 में गिरावट आई थी। Q3 FY26 में मुनाफा बढ़ने और प्रोविज़न्स कम होने के बाद तेजी आई थी, जो वर्तमान में प्रोविज़न्स बढ़ने पर शेयर में आई गिरावट के विपरीत है।

भविष्य की चिंताएं और मैनेजमेंट का नज़रिया

एसेट क्वालिटी में सुधार और कॉस्ट मैनेजमेंट के बावजूद, प्रोविज़न्स में आई बड़ी बढ़ोतरी चिंता का विषय है। यह मैनेजमेंट की भविष्य की आर्थिक चुनौतियों या खास लोन मुद्दों की आशंका का संकेत हो सकता है, जो अभी NPA में नहीं दिख रहे। Bank of Baroda और PNB जैसे प्रतिस्पर्धी लोन और डिपॉजिट में स्थिर ग्रोथ दिखा रहे हैं, जो एक प्रतिस्पर्धी बाज़ार को दर्शाता है। Union Bank की ₹6,06,539 करोड़ की बड़ी कंटीजेंट लायबिलिटीज (Contingent Liabilities) पर भी बारीकी से नजर रखने की जरूरत है। मुख्य जोखिम यह है कि क्या प्रोविज़न्स में यह बढ़ोतरी एक अस्थायी कदम है या यह एक ऐसे ट्रेंड की शुरुआत है जो भविष्य के मुनाफे को नुकसान पहुंचा सकती है, खासकर अगर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव बना रहता है।

आगे की ओर देखते हुए, Union Bank का मैनेजमेंट लोन ग्रोथ में सुधार की उम्मीद कर रहा है, साथ ही फायदेमंद विस्तार को प्राथमिकता देगा। मुख्य चुनौतियों में मार्जिन दबाव का प्रबंधन, प्रोविज़निंग रणनीतियों को प्रभावी ढंग से संभालना और बदलते आर्थिक माहौल में एसेट क्वालिटी में हासिल की गई बढ़ोतरी को बनाए रखना शामिल होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.