Union Bank of India ने 12 साल बाद अंतरराष्ट्रीय कर्ज बाजार में वापसी की है। बैंक ने **$60 करोड़** जुटाए हैं, जिसे **7.8 गुना** ओवरसब्सक्रिप्शन मिला है। इन बॉन्ड्स को GIFT City के NSE-IFSC पर लिस्ट किया गया है।
भारी मांग के साथ वापसी
Union Bank of India की अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह वापसी काफी प्रभावशाली रही है। बैंक को ग्लोबल इन्वेस्टर्स से जबरदस्त समर्थन मिला, जिसके चलते इसका ऑर्डर बुक 7.8 गुना तक भर गया। यह बैंक की मजबूत एसेट क्वालिटी और ग्रोथ प्लान पर निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
बॉन्ड की शर्तें और GIFT City का कनेक्शन
इस इश्यू को दो हिस्सों में बांटा गया था, जिसमें $30 करोड़ के दो ट्रेंच शामिल हैं। इसमें 3-साल के नोट पर 5.23% और 5-साल के नोट पर 5.4170% का कूपन तय किया गया है। इन बॉन्ड्स की लिस्टिंग GIFT City के NSE-IFSC पर की गई है, जो भारत के बढ़ते ग्लोबल फाइनेंशियल हब की ओर इशारा करती है।
निवेश का मकसद और जोखिम
बैंक का लक्ष्य अपनी फंडिंग को डायवर्सिफाई करना है ताकि घरेलू लिक्विडिटी पर निर्भरता कम हो सके। यह फंड मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और MSME सेक्टर को कर्ज देने के काम आएगा।
हालांकि, इन्वेस्टर्स को ध्यान देना होगा कि यह कदम बैंक के लिए विदेशी मुद्रा के उतार-चढ़ाव और ब्याज दरों का नया जोखिम लेकर आया है। बैंक को करेंसी फ्लक्चुएशन से बचने के लिए हेजिंग लागत (Hedging Costs) का भी प्रबंधन करना होगा, जिसका असर आने वाली तिमाहियों में कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दिख सकता है।
