₹5 डिविडेंड का प्रस्ताव: क्या है पूरी बात?
Union Bank of India के बोर्ड ने 23 अप्रैल, 2026 को हुई बैठक में शेयरधारकों को खुश करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बैंक ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹5 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव भविष्य के लिए है और इसे तभी अंतिम रूप दिया जाएगा जब बैंक को जरूरी वैधानिक मंजूरी (statutory approvals) मिल जाएगी और 24वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों से भी हरी झंडी मिल जाएगी। बैंक ने अभी AGM की तारीख और बुक क्लोजर (book closure) की घोषणा नहीं की है।
शेयर बाजार में गिरावट, ₹185.5 पर बंद हुआ स्टॉक
इस डिविडेंड घोषणा के बावजूद, 23 अप्रैल, 2026 को Union Bank के शेयर में गिरावट देखी गई। स्टॉक 4.77% टूटकर ₹185.5 के करीब बंद हुआ, जो कि दिन के निचले स्तरों के पास था। यह गिरावट बाजार के बड़े सूचकांकों (broader market indices) के मुकाबले कमज़ोर प्रदर्शन को दर्शाती है। 22 अप्रैल, 2026 तक, Union Bank का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹1.46 ट्रिलियन था और इसका TTM P/E रेश्यो 7.15 से 7.91 के बीच था, जो इसे एक वैल्यू स्टॉक (value stock) की श्रेणी में रखता है।
बैंकिंग सेक्टर पर दबाव, RBI के नए नियम
Union Bank अकेले नहीं है जिसे चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पूरे भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए डिविडेंड के आउटलुक में अनिश्चितता बनी हुई है। S&P Global Market Intelligence की मानें तो मार्च 2026 में समाप्त होने वाले फाइनेंशियल ईयर के लिए प्रमुख भारतीय बैंकों के कुल डिविडेंड भुगतान में 4.2% की गिरावट आ सकती है। इसके पीछे मुख्य कारण कम मुनाफा, धीमी लोन ग्रोथ, ब्याज दरों में बदलाव के कारण कम नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margins) और जमा राशि पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते फंडिंग लागत का बढ़ना है।
हालांकि, मार्च 2026 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा पेश किए गए नए डिविडेंड नियमों से अच्छी तरह से पूंजीकृत (well-capitalized) बैंकों को फायदा हो सकता है। अब डिविडेंड का भुगतान कॉमन इक्विटी टियर 1 (CET1) कैपिटल बफर और एडजस्टेड प्रॉफिट से जुड़ा होगा। इसके बावजूद, मार्च 2026 में समाप्त होने वाले फाइनेंशियल ईयर के लिए पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) ने लोन ग्रोथ और कम हुए नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) की मदद से मजबूत मुनाफा दर्ज किया था, जिससे रिकॉर्ड डिविडेंड भुगतान की उम्मीद है।
साथियों के मुकाबले डिविडेंड यील्ड
Union Bank का प्रस्तावित ₹5 प्रति शेयर का डिविडेंड, जो FY2025-26 के लिए है, की तुलना अन्य बैंकों से करें तो यह महत्वपूर्ण हो जाता है। फरवरी 2026 तक, Union Bank की अनुमानित डिविडेंड यील्ड (dividend yield) 4.1% से 4.4% के बीच रहने की उम्मीद थी। वहीं, बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) की डिविडेंड यील्ड करीब 2.97% थी और उसने FY2025 के लिए ₹8.35 प्रति शेयर डिविडेंड घोषित किया था। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने FY2024-25 के लिए ₹2.90 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया था, जिससे उसकी यील्ड लगभग 2.55% थी। वहीं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की डिविडेंड यील्ड 1.44% थी।
डिविडेंड पर अनिश्चितता और एनालिस्ट की राय
Union Bank के प्रस्ताव की सबसे बड़ी रुकावट इसकी 'कंडीशनल' प्रकृति है। FY2025-26 के लिए ₹5 प्रति शेयर का डिविडेंड तभी मिल पाएगा जब सभी जरूरी सरकारी मंजूरियां और शेयरधारकों की सहमति मिल जाएगी। ऐसे में देरी या किसी अड़चन का खतरा बना रहता है। बैंकिंग सेक्टर वैसे भी अत्यधिक रेगुलेटेड है, और भविष्य की आर्थिक स्थिति या कैपिटल एडिक्वेसी नियमों (capital adequacy rules) में बदलाव इस भविष्य के भुगतान को प्रभावित कर सकते हैं।
एनालिस्ट्स की राय भी बंटी हुई है। Motilal Oswal Financial Services जैसे ब्रोकरेज हाउस ने ₹135 जैसे कम टारगेट प्राइस दिए हैं, जो मौजूदा स्तरों से बड़ी गिरावट का संकेत देते हैं। वहीं, औसत 12-महीने का टारगेट प्राइस ₹196.40 है। बैंक का P/E रेश्यो इसे एक वैल्यू स्टॉक बनाता है, लेकिन कुछ एनालिस्ट्स को प्राइवेट बैंकों की तुलना में इसकी ग्रोथ क्षमता पर संदेह है।
