Union Bank of India: लोन बांटने में बैंक की रफ्तार तेज, लेकिन डिपॉजिट की सुस्ती से निवेशकों की बढ़ी चिंता

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Union Bank of India: लोन बांटने में बैंक की रफ्तार तेज, लेकिन डिपॉजिट की सुस्ती से निवेशकों की बढ़ी चिंता

Union Bank of India ने वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए प्रोविजनल आंकड़े जारी किए हैं। बैंक के ग्रॉस एडवांसेज में **18.53%** की दमदार उछाल देखी गई है, लेकिन डिपॉजिट ग्रोथ की धीमी रफ्तार ने निवेशकों के बीच मार्जिन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

लोन पोर्टफोलियो में दमदार इजाफा

बैंक द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही में बैंक के ग्रॉस एडवांसेज (Gross Advances) बढ़कर ₹11.56 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गए हैं। वहीं, सिर्फ घरेलू एडवांसेज में 17.36% की बढ़त दर्ज की गई है, जो ₹11.05 लाख करोड़ रही। बैंक लगातार RAM (रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME) सेक्टर पर फोकस कर रहा है, जहां एडवांसेज 14.65% बढ़कर ₹6.35 लाख करोड़ हो गए हैं।

डिपॉजिट और मार्जिन का गणित

लोन की तुलना में डिपॉजिट की रफ्तार बैंक के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। ग्लोबल डिपॉजिट्स में केवल 6.87% की ही बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹13.19 लाख करोड़ रही है। एडवांसेज और डिपॉजिट्स की इस असमान ग्रोथ के कारण घरेलू क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेशियो (Credit-to-Deposit Ratio) बढ़कर 84.34% हो गया है। बैंकिंग जानकारों का मानना है कि यदि यह रेशियो इसी तरह बढ़ता रहा, तो बैंक को फंड जुटाने के लिए महंगे विकल्पों का सहारा लेना पड़ सकता है, जिससे नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव पड़ना तय है।

मार्केट का मूड

इस अपडेट के बाद बाजार की प्रतिक्रिया थोड़ी सुस्त रही। 1 अक्टूबर, 2026 को बैंक के शेयर में 1.99% की गिरावट देखी गई और यह ₹167.59 पर बंद हुआ। हालांकि, बैंक ने 34.93% का डोमेस्टिक CASA (Current Account Savings Account) रेशियो बरकरार रखा है, जो बैंक के लिए सस्ते फंड जुटाने में मददगार साबित होता है। अब निवेशकों की नजरें आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जहां यह साफ होगा कि बैंक अपनी मार्जिन क्वालिटी को किस तरह मैनेज कर पाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.