तिमाही नतीजों में दमदार उछाल
Ujjivan SFB ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में निवेशकों को खुश कर दिया। बैंक ने 238.1% की ज़बरदस्त ग्रोथ के साथ ₹281.97 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। इस दौरान बैंक की कुल इनकम 18.6% बढ़कर ₹2,185.06 करोड़ हो गई। लागतों पर काबू पाने और बेहतर मैनेजमेंट की वजह से नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) तिमाही-दर-तिमाही बढ़कर 8.5% पर आ गया, वहीं क्रेडिट कॉस्ट घटकर 1.5% रही। एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी 27% बढ़कर ₹40,655 करोड़ तक पहुंच गया, जिसमें सिक्योर्ड लोन का हिस्सा बढ़कर 56% हो गया। इन शानदार वित्तीय नतीजों के बावजूद, शेयर बाजार में 11 मई 2026 को इसमें गिरावट देखी गई। एनालिस्ट्स का औसतन 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹73.32 के आसपास बना हुआ है।
RBI ने रोकी यूनिवर्सल बैंक की राह
Ujjivan SFB की यूनिवर्सल बैंक बनने की मंशा पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ा ब्रेक लगा दिया है। केंद्रीय बैंक ने बैंक की एप्लीकेशन वापस कर दी है। RBI के अनुसार, बैंक को अपने लोन पोर्टफोलियो में और ज़्यादा डायवर्सिफिकेशन (विविधता) लाने की ज़रूरत है। स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) को यूनिवर्सल बैंक में बदलने के लिए 5 साल का ट्रैक रिकॉर्ड, लगातार प्रॉफिटेबिलिटी और पिछले 2 फाइनेंशियल ईयर में 3% से कम ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPAs) जैसे कड़े नियम पूरे करने होते हैं। Ujjivan SFB के GNPA Q4 FY26 में सुधरकर 2.26% हो गया था, लेकिन RBI के फैसले से संकेत मिलता है कि अभी और सुधार की गुंजाइश है। प्रतिस्पर्धी जैसे AU Small Finance Bank अपनी एसेट डायवर्सिफिकेशन के कारण ज़्यादा योग्य माने जाते रहे हैं।
₹2,000 करोड़ की कैपिटल रेज की योजना
अपने ग्रोथ प्लान और भविष्य की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, Ujjivan SFB ₹2,000 करोड़ का बड़ा इक्विटी कैपिटल रेज करने की योजना बना रहा है। यह फंड क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) या प्राइवेट प्लेसमेंट के ज़रिए जुटाया जा सकता है। इस कदम से मौजूदा शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी कम होने की उम्मीद है, जिससे अल्पावधि में शेयर पर दबाव दिख सकता है।
आगे की राह और प्रतिद्वंद्वियों से तुलना
RBI द्वारा यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस एप्लीकेशन का खारिज होना Ujjivan SFB के लिए एक बड़ी चिंता है। इससे बैंक की बड़े यूनिवर्सल बैंकों के साथ प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता सीमित हो सकती है और डिपॉजिट बेस व लोनिंग स्पेक्ट्रम तक पहुंच भी बाधित हो सकती है। पहले माइक्रोफाइनेंस पर फोकस करने वाले इस बैंक के लिए सिक्योर्ड एसेट्स की ओर बढ़ना एक चुनौती भरा कदम है। तुलनात्मक रूप से, CreditAccess Grameen जैसे प्रतिद्वंद्वियों ने 2% से कम GNPA और 20% से ज़्यादा ROE जैसी बेहतर परफॉरमेंस दिखाई है। नए रेगुलेटरी अपडेट्स, जैसे जनवरी 2026 में SFBs के लिए क्रेडिट रिस्क मैनेजमेंट के नए नियम, अनुपालन का बोझ बढ़ा सकते हैं।
भविष्य की ग्रोथ और टारगेट
बैंक मैनेजमेंट को उम्मीद है कि एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में ग्रोथ जारी रहेगी। Ujjivan SFB का लक्ष्य FY30 तक अपने लोन बुक को लगभग तीन गुना बढ़ाकर ₹1 लाख करोड़ करना है। बैंक FY27-29 के बीच रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) को 1.6-1.9% तक ले जाने का लक्ष्य रखता है, जबकि FY30 तक RoA 1.8-2.0% और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 16-18% हासिल करने का लक्ष्य है। ये टारगेट सफलतापूर्वक कैपिटल इन्फ्यूजन और पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन पर निर्भर करेंगे। Emkay Global Financial ने BUY रेटिंग बनाए रखते हुए टारगेट प्राइस ₹80 किया है, वहीं MarketsMOJO ने 4 मई 2026 को रेटिंग को 'Strong Buy' में अपग्रेड किया है।
