Q4 में दमदार नतीजों से भरा साल का अंत
चौथी तिमाही में Ujjivan Small Finance Bank का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹83.4 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹282 करोड़ पर पहुंच गया। यह शानदार प्रदर्शन नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 26.4% की सालाना बढ़ोतरी के कारण संभव हुआ, जो ₹1,093 करोड़ रही। बैंक ने बैड लोंस के लिए प्रोविजन्स को भी घटाकर ₹144 करोड़ कर दिया है। नतीजतन, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPAs) घटकर 2.26% पर आ गए, जबकि नेट एनपीए (Net NPAs) 0.43% तक पहुंच गए, जो बैंक की सुधरती एसेट क्वालिटी को दर्शाते हैं।
ग्रोथ के लिए ₹2,000 करोड़ जुटाने की योजना
अपनी महत्वाकांक्षी ग्रोथ स्ट्रैटेजी को पंख देने के लिए, Ujjivan SFB ने Qualified Institutional Placement (QIP) के जरिए ₹2,000 करोड़ तक की रकम जुटाने की योजना को बोर्ड से मंजूरी दिला ली है। बैंक का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2030 (FY30) तक अपने लोन बुक को बढ़ाकर ₹1 लाख करोड़ तक ले जाना है। इस बड़े लक्ष्य को साधने के लिए, बैंक अपनी सिक्योरड लेंडिंग (Secured Lending) का हिस्सा बढ़ाकर 65-70% करने और CASA डिपॉजिट्स को 35% तक बढ़ाने पर भी फोकस करेगा, जिससे फंडिंग की लागत कम होगी।
बाजार की उम्मीदें और प्रतिस्पर्धा
स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) सेक्टर में AU Small Finance Bank, Equitas Small Finance Bank और Bandhan Bank जैसे दिग्गजों से कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद, Ujjivan SFB के नतीजे निवेशकों को उत्साहित करने वाले रहे हैं। ब्रोकरेज फर्मों ने भी बैंक पर भरोसा जताया है और इसका टारगेट प्राइस ₹70-₹73 के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि मौजूदा कंसेंसस रेटिंग 'Strong Buy' है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब पिछले एक साल में स्टॉक में 50% से ज्यादा की तेजी पहले ही देखी जा चुकी है।
जोखिम और आगे की राह
हालांकि, ₹2,000 करोड़ का QIP मौजूदा शेयरधारकों के लिए डाइल्यूशन (Dilution) का जोखिम पैदा कर सकता है, खासकर अगर इसे अनुकूल मूल्य पर पेश नहीं किया गया। FY30 तक ₹1 लाख करोड़ के लोन बुक का महत्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल करना भी मजबूत आर्थिक वृद्धि और प्रभावी रिस्क मैनेजमेंट पर निर्भर करेगा। बैंक के यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस हासिल करने की राह में रेगुलेटरी अनिश्चितताएं भी बनी हुई हैं। माइक्रोफाइनेंस सेगमेंट की अपनी कुछ चुनौतियां हैं, जिनसे बैंक को कुशलता से निपटना होगा।
