Kotak Mahindra Bank के फाउंडर Uday Kotak का मानना है कि ग्लोबल मार्केट में AI निवेश का दौर ठंडा पड़ने पर विदेशी निवेशकों का रुख भारत की ओर हो सकता है। Nifty 50 की वैल्यूएशन में आई नरमी और भारतीय बाजार की मजबूती निवेशकों के लिए एक नया मौका साबित हो सकती है।
बाजार में क्या बदल रहा है?
Uday Kotak ने इशारा किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र में बढ़ती उधारी और अत्यधिक लीवरेज के कारण अब ग्लोबल कॉर्पोरेट्स पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय निवेशक अपनी पूंजी को ऐसे सुरक्षित बाजारों की ओर मोड़ सकते हैं, जहां ग्रोथ की राह ज्यादा स्थिर है।
वैल्युएशन और निवेश का गणित
साल 2026 की शुरुआत में Nifty 50 का फॉरवर्ड P/E रेश्यो 21 के स्तर पर था, जिसने कई विदेशी निवेशकों को दूर रखा था। अब यह घटकर 17.5 के करीब आ गया है, जिससे भारतीय शेयर फिर से आकर्षक नजर आने लगे हैं। हालांकि, इस साल विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय बाजारों से करीब $29 बिलियन की बड़ी निकासी की है, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया है। यही कारण है कि अक्टूबर 2026 के निचले स्तरों से भारतीय बाजार में 10% का शानदार रिकवरी देखने को मिली है।
निवेशकों के लिए चेतावनी के संकेत
बाजार के लिए सब कुछ ठीक नहीं है। Uday Kotak ने दो बड़े जोखिमों पर ध्यान देने की सलाह दी है:
- कच्चे तेल की कीमतें: भारत बड़े पैमाने पर ऊर्जा आयात करता है, ऐसे में क्रूड ऑयल में अस्थिरता करंट अकाउंट डेफिसिट और महंगाई को प्रभावित करती है।
- RBI का रुख: बाजार में 50 से 75 बेसिस पॉइंट्स तक रेपो रेट में और बढ़ोतरी की आशंका है। बढ़ती ब्याज दरें कंपनियों की लागत बढ़ाती हैं और बाजार की लिक्विडिटी कम कर सकती हैं, जो शेयर बाजार के लिए एक बड़ी चुनौती है।
