कोटक महिंद्रा बैंक के फाउंडर उदय कोटक का मानना है कि महंगाई और एनर्जी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) जल्द ही रेपो रेट में **50 से 75 बेसिस पॉइंट्स** का इजाफा कर सकता है।
बढ़ती महंगाई और RBI का कदम
उदय कोटक के अनुसार, देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव लगातार बना हुआ है। महंगाई और एनर्जी की कीमतों में उछाल को काबू में करने के लिए RBI के पास रेपो रेट बढ़ाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं दिख रहा है। गौरतलब है कि 100 बेसिस पॉइंट्स का मतलब 1% होता है, ऐसे में 50-75 bps की बढ़ोतरी कर्जदारों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
बैंकों पर असर
केंद्रीय बैंक के संभावित रुख को देखते हुए बैंकिंग सेक्टर ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। Kotak Mahindra Bank ने 4 नवंबर, 2026 से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की दरों में बदलाव किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में लोन लेना महंगा हो सकता है, लेकिन डिपॉजिटर्स को अपनी बचत पर बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद है।
विदेशी निवेश और मार्केट का हाल
साल 2026 भारतीय शेयर बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा है। विदेशी निवेशकों (FIIs) ने अब तक $29 बिलियन की बड़ी पूंजी भारतीय बाजार से निकाली है, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी AI सेक्टर में फंड का शिफ्ट होना रहा है। हालांकि, भारतीय बाजार ने गजब की मजबूती दिखाई है। 5 नवंबर, 2026 को Sensex और Nifty में 2% से ज्यादा की इंट्राडे तेजी घरेलू निवेशकों के दम पर देखी गई, जो विदेशी बिकवाली के बीच एक बड़ा सुरक्षा कवच बनी हुई है।
भविष्य की चुनौतियां
आर्थिक मोर्चे पर सबसे बड़ा जोखिम ग्लोबल एनर्जी प्राइसेस और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है। यदि जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण तेल महंगा रहता है, तो RBI के लिए भविष्य में दरों में कटौती करना मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल निवेशकों को RBI की अगली पॉलिसी मीटिंग और महंगाई के आंकड़ों पर अपनी नजर बनाए रखनी चाहिए।
