नतीजों पर फेयर वैल्यू एडजस्टमेंट का असर
UTI AMC ने मार्च तिमाही में ₹51 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। कंपनी के लिए यह बड़ा झटका है क्योंकि पिछले साल की इसी तिमाही में उसने ₹102 करोड़ का शानदार मुनाफा कमाया था। इस बार के लॉस का मुख्य कारण ₹175 करोड़ का फेयर वैल्यू एडजस्टमेंट (fair value adjustment) एक्सपेंस है, जिसने कंपनी के प्रॉफिट को पूरी तरह से निगल लिया।
रेवेन्यू और AUM में बढ़ोतरी
हालांकि, कंपनी के दूसरे आंकड़े काफी मजबूत हैं। तिमाही के दौरान रेवेन्यू (revenue) में 4% की बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹390 करोड़ पर पहुंच गया। कुल आय ₹402 करोड़ रही। सबसे खास बात यह है कि कंपनी की AUM (Assets Under Management) में 14% की जबरदस्त साल-दर-साल बढ़ोतरी हुई और यह ₹3.88 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गई।
पैसिव फंड्स और SIP की मजबूत परफॉरमेंस
UTI AMC के लिए पैसिव फंड्स (passive funds) में 25% की ग्रोथ आई, जो इंडस्ट्री में बढ़ते रुझान को दिखाता है। वहीं, SIP (Systematic Investment Plan) इनफ्लो में 17% का इजाफा हुआ और यह ₹852 करोड़ पर पहुंच गया।
शेयरधारकों के लिए डिविडेंड का ऐलान
तिमाही नतीजों में नेट लॉस के बावजूद, UTI AMC ने अपने शेयरधारकों को खुश करते हुए ₹40 प्रति शेयर का डिविडेंड (dividend) घोषित किया है।
वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स की राय
UTI AMC का TTM (Trailing Twelve Months) P/E रेश्यो 21 से 26 के बीच है, जो HDFC AMC (P/E लगभग 39-41x) और ICICI Prudential AMC (P/E लगभग 50-97x) जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी कम है। भारतीय एसेट मैनेजमेंट सेक्टर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन मार्च में बाजार की अस्थिरता ने कुल AUM में ₹8.3 लाख करोड़ की गिरावट ला दी थी।
बाजार के एनालिस्ट्स UTI AMC पर 'Buy' रेटिंग बनाए हुए हैं, जिनके 1-साल के प्राइस टारगेट ₹1,202.84 से ₹1,507 तक हैं। कंपनी का भविष्य फेयर वैल्यू एडजस्टमेंट के सामान्य होने और CEO Vetri Subramaniam द्वारा बताई गई रणनीतियों को लागू करने पर निर्भर करेगा। SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के प्रस्तावित नियम भी इंडस्ट्री के मार्जिन्स को प्रभावित कर सकते हैं।
