बॉन्ड यील्ड्स ने बढ़ाई बाज़ार की मुश्किलें
मंगलवार, 19 मई 2026 को अमेरिकी इक्विटी मार्केट में बड़ी गिरावट देखी गई। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) 300 अंकों से ज़्यादा लुढ़क गया, जो बाज़ार की व्यापक कमजोरी का संकेत था। इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स (U.S. Treasury Yields) में आई तेज़ उछाल थी, जो 2007 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.19% के पार चला गया, जबकि 10-वर्षीय यील्ड 4.68% से ऊपर निकल गया। लगातार बढ़ती महंगाई की चिंताओं, खासकर ईरान युद्ध के चलते, ने यील्ड्स को और बढ़ाया, जिससे टेक्नोलॉजी जैसे रेट-सेंसिटिव सेक्टर पर दबाव पड़ा। S&P 500 में 0.7% और नैस्डैक कंपोजिट (Nasdaq Composite) में 0.8% की गिरावट आई, जो लगातार तीसरे दिन की गिरावट थी। इन सख्त वित्तीय हालातों और बढ़ते उधार लागत के कारण निवेशक अपनी एसेट एलोकेशन पर फिर से विचार कर रहे हैं, और यह चिंता बढ़ रही है कि फेडरल रिजर्व दरों में कटौती के बजाय और बढ़ोतरी पर विचार कर सकता है।
अमेरिकी ट्रेजरी में विदेशी होल्डिंग्स में कमी
विदेशी सरकारों ने अमेरिकी ट्रेजरी सिक्योरिटीज (U.S. Treasury securities) में अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है। ट्रेजरी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में कुल विदेशी होल्डिंग्स घटकर $9.348 ट्रिलियन रह गईं, जो फरवरी में $9.487 ट्रिलियन थीं। जापान और चीन प्रमुख विक्रेता रहे, चीन की होल्डिंग्स सितंबर 2008 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गईं। इस कटौती का एक कारण भू-राजनीतिक तनाव और ईरान युद्ध से जुड़ी ऊर्जा बाजार की अस्थिरता है, जिसके चलते देशों ने डॉलर रिजर्व कम किया है। मासिक गिरावट के बावजूद, साल-दर-साल आधार पर कुल विदेशी होल्डिंग्स अभी भी 3.3% अधिक हैं। हालांकि, इस दौरान यूनाइटेड किंगडम ने अपनी ट्रेजरी होल्डिंग्स बढ़ाई हैं।
SpaceX का IPO बाज़ार में लाएगा भूचाल?
SpaceX अपने एक बड़े इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है, जिसमें गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) अंडरराइटिंग सिंडिकेट का नेतृत्व कर रहा है। कंपनी $75 बिलियन तक जुटाने की योजना बना रही है, जिससे इसका वैल्यूएशन $2 ट्रिलियन के पार जा सकता है। यह वैल्यूएशन 2019 में सउदी अरामको (Saudi Aramco) के $29.4 बिलियन के IPO सहित पिछले सभी IPO रिकॉर्ड को पार कर जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह IPO 12 जून 2026 तक हो सकता है, जिसका लक्ष्य नैस्डैक (Nasdaq) पर 'SPCX' सिंबल के तहत लिस्ट होना है। कंपनी की मजबूत ग्रोथ, जो इसके स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस और xAI के अधिग्रहण से बढ़ी है, इस उच्च वैल्यूएशन को सपोर्ट करती है। हालांकि, कुछ सलाहकारों ने यह भी कहा है कि कंपनी 'परफेक्ट प्राइसिंग' के साथ आ रही है, जहां $15 बिलियन के रेवेन्यू पर $2 ट्रिलियन का वैल्यूएशन सवाल उठाता है।
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और भारतीय बिज़नेस माहौल पर पैनी नज़र
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (Hindalco Industries) के शेयरों पर नज़र रखी जा रही है, क्योंकि इसकी सहायक कंपनी Novelis ने Q4 में $84 मिलियन का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है। पिछले साल इसी अवधि में $294 मिलियन का प्रॉफिट हुआ था। यह लॉस मुख्य रूप से न्यूयॉर्क के ओस्वेगो स्थित प्लांट में आग लगने की घटनाओं के कारण उत्पादन में बाधाओं से हुआ, जिससे कैश फ्लो पर अनुमानित $1.7 बिलियन का असर पड़ा। इस लॉस के बावजूद, Novelis का नेट सेल्स 4% बढ़कर $4.8 बिलियन हो गया, जिसका श्रेय एल्युमिनियम की ऊंची कीमतों को जाता है। Novelis को उम्मीद है कि ओस्वेगो हॉट मिल जल्द ही फिर से चालू हो जाएगी, लेकिन बढ़ते कर्ज का स्तर चिंता का विषय बना हुआ है।
अलग से, भारतीय व्यवसायों को अभी भी 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एसोचैम (Assocham) की एक रिपोर्ट बताती है कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर के सुधार अक्सर पुराने प्रोसेस और अधिकारियों के बीच जागरूकता की कमी के कारण कमजोर पड़ जाते हैं। भारत के डीप टेक स्टार्टअप सेक्टर को भी लंबे समय तक चलने वाले कैपिटल (Capital) हासिल करने में मुश्किल हो रही है, खासकर सीरीज़ ए (Series A) और ग्रोथ स्टेज पर फंडिंग की भारी कमी है। भले ही भारत में मजबूत इंजीनियरिंग टैलेंट है, लेकिन फंडिंग इकोसिस्टम डीप टेक के लंबे डेवलपमेंट साइकिल्स की तुलना में कंज्यूमर वेंचर्स से जल्दी रिटर्न को प्राथमिकता देता है, जो फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज में इसकी क्षमता को बाधित करता है।
