World Liberty को मिली सशर्त बैंक की मंजूरी, $4 बिलियन स्टेबलकॉइन पर असर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
World Liberty को मिली सशर्त बैंक की मंजूरी, $4 बिलियन स्टेबलकॉइन पर असर

अमेरिका के रेगुलेटर OCC ने वर्ल्ड लिबर्टी ट्रस्ट कंपनी को सशर्त राष्ट्रीय ट्रस्ट चार्टर की मंजूरी दे दी है। यह क्रिप्टो फर्म ट्रंप परिवार से जुड़ी है और इस कदम से कंपनी अपने $4 बिलियन USD1 स्टेबलकॉइन का प्रबंधन खुद कर सकेगी। हालांकि, फाइनल मंजूरी से पहले फर्म को सख्त पूंजी और ऑडिट की शर्तों को पूरा करना होगा।

अमेरिकी रेगुलेटर का अहम फैसला

अमेरिकी वित्त नियामक, ऑफिस ऑफ द कंट्रोलर ऑफ द करेंसी (OCC), ने 14 अगस्त, 2026 को वर्ल्ड लिबर्टी ट्रस्ट कंपनी को राष्ट्रीय ट्रस्ट चार्टर के लिए सशर्त प्रारंभिक मंजूरी दी है। यह फर्म पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार से जुड़ी एक क्रिप्टो कंपनी है। यह मंजूरी फर्म के स्टेबलकॉइन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन यह पूर्ण बैंकिंग लाइसेंस नहीं है और इसमें कुछ परिचालन सीमाएं भी हैं।

क्या कर सकेगी कंपनी?

इस सशर्त चार्टर के तहत, वर्ल्ड लिबर्टी ट्रस्ट अपनी डिजिटल संपत्तियों की कस्टडी (सुरक्षा) सेवाएं प्रदान कर सकेगी और पेमेंट सेटलमेंट को आसान बना सकेगी। राष्ट्रीय ट्रस्ट बैंक होने के नाते, यह फर्म पारंपरिक बैंकिंग गतिविधियों जैसे डिपॉजिट लेना या लोन देना, नहीं कर सकेगी। कंपनी का मुख्य लक्ष्य अपने USD1 स्टेबलकॉइन के इश्यूअंस (जारी करने) और रिजर्व मैनेजमेंट (आरक्षित प्रबंधन) को इन-हाउस (खुद) करना है। वर्तमान में, ये कार्य थर्ड-पार्टी पार्टनर BitGo द्वारा संभाले जा रहे हैं।

फाइनल मंजूरी की शर्तें

फाइनल अथॉराइजेशन (अंतिम मंजूरी) पाने के लिए, कंपनी को OCC द्वारा निर्धारित कई कठोर नियामक आवश्यकताओं को पूरा करना होगा। इनमें कम से कम $20 मिलियन की टियर 1 कैपिटल (Tier 1 Capital) बनाए रखना, मजबूत आंतरिक ऑडिट सिस्टम स्थापित करना और एक समर्पित आंतरिक ऑडिट मैनेजर को नियुक्त करना शामिल है। चार्टर को अंतिम रूप देने से पहले फर्म के पास इन प्री-ओपनिंग (खुलने से पहले) शर्तों को पूरा करने के लिए 18 महीने की विंडो है।

क्यों है यह खास?

यह वेंचर अपने हाई-प्रोफाइल कनेक्शन और USD1 स्टेबलकॉइन की तेज वृद्धि के कारण काफी ध्यान आकर्षित कर रहा है। 2025 में लॉन्च होने के बाद से, इस स्टेबलकॉइन का मार्केट कैप लगभग $4 बिलियन तक पहुंच गया है। फेडरल ट्रस्ट स्ट्रक्चर में जाने से, कंपनी का लक्ष्य एक एकीकृत नियामक ढांचे के तहत काम करना है, जिससे संस्थागत ग्राहकों को आकर्षित करने और अपने डॉलर-समर्थित रिजर्व की बेहतर निगरानी में मदद मिलेगी।

चुनौतियां और चिंताएं

नियामक मंजूरी के बावजूद, इस प्रोजेक्ट को लगातार जांच का सामना करना पड़ रहा है। आलोचकों और कुछ राजनीतिक हस्तियों ने ट्रंप परिवार की स्वामित्व हिस्सेदारी और भागीदारी को देखते हुए संभावित हितों के टकराव पर चिंता जताई है। कंपनी ने कानून निर्माताओं से सुरक्षा और शासन संरचनाओं के बारे में सवालों के जवाब भी दिए हैं। इसके अलावा, फर्म के इकोसिस्टम में WLFI गवर्नेंस टोकन भी शामिल है, जिसने उल्लेखनीय मूल्य अस्थिरता का अनुभव किया है और वर्तमान में अपने पिछले highs से काफी नीचे कारोबार कर रहा है। यह अस्थिरता बाजार पर्यवेक्षकों के लिए रुचि का विषय बनी हुई है, क्योंकि टोकन का उपयोग पहले स्टेबलकॉइन उधार के कोलैटरल (संपार्श्विक) के रूप में किया गया था, जिसने प्रणालीगत जोखिम के बारे में सवाल खड़े किए हैं।

आगे क्या?

निवेशकों और बाजार सहभागियों को $20 मिलियन की पूंजी आवश्यकता को पूरा करने और प्रमुख ऑडिट कर्मियों की नियुक्ति में फर्म की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए। BitGo जैसे थर्ड-पार्टी कस्टोडियन से दूर जाना और प्री-ओपनिंग नियामक परीक्षाओं का सफल समापन कंपनी की परिचालन परिपक्वता के अगले प्रमुख संकेतक होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.