Federal Reserve की गवर्नर Lisa Cook ने ट्रम्प प्रशासन द्वारा उन्हें हटाए जाने की कोशिश को कानूनी रूप से चुनौती दी है। मॉर्गेज धोखाधड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए, कुक ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया है, जिससे फेड की स्वायत्तता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
कानूनी जंग का आगाज\n\nअगस्त 26, 2026 को अपनी कानूनी प्रतिक्रिया में Lisa Cook ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें उन पर मॉर्गेज एप्लिकेशन में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया गया था। फेडरल रिजर्व के 112 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी राष्ट्रपति ने किसी गवर्नर को हटाने की ऐसी कोशिश की है। यह टकराव फेड की संस्थागत स्वतंत्रता और उसकी कार्यप्रणाली पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।\n\n### क्या है पूरा मामला?\n\nव्हाइट हाउस का आरोप है कि कुक ने अपने आवास से संबंधित जानकारी को छुपाया था। हालांकि, कुक का तर्क है कि ये त्रुटियां महज प्रशासनिक हैं और उन्हें हटाने का असली मकसद फेड बोर्ड में अपना बहुमत बनाकर ब्याज दरों (Interest Rate) की नीति को प्रभावित करना है। जून 2026 में U.S. Supreme Court ने भी इस मामले में ड्यू प्रोसेस (Due Process) का पालन करने की सख्त हिदायत दी थी।\n\n### भारतीय निवेशकों के लिए चिंता\n\nभारतीय शेयर बाजार के लिहाज से यह घटनाक्रम बेहद संवेदनशील है। फेडरल रिजर्व का हर फैसला ग्लोबल कैपिटल फ्लो और डॉलर की मजबूती पर असर डालता है। यदि अमेरिकी सेंट्रल बैंक की तटस्थता पर सवाल उठते हैं, तो यह वैश्विक लिक्विडिटी और इन्फ्लेशन मैनेजमेंट को लेकर अनिश्चितता पैदा कर सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबी कानूनी लड़ाई फेड को उसके मुख्य लक्ष्यों से भटका सकती है, जिससे मार्केट में उतार-चढ़ाव (Volatility) का दौर लंबा खिंच सकता है।