US Exchanges: अब **24/7** खुली रहेंगी ये बड़ी मार्केट्स! जानिए क्यों

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
US Exchanges: अब **24/7** खुली रहेंगी ये बड़ी मार्केट्स! जानिए क्यों
Overview

**2026** के अंत तक, न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE), Nasdaq, CME Group और Cboe Global Markets जैसे प्रमुख अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंजों में **लगभग 24/7** ट्रेडिंग की सुविधा शुरू होने की उम्मीद है। यह कदम ग्लोबल निवेशकों की बढ़ती मांग को पूरा करने और ट्रेडिंग के बाद के घंटों में होने वाली प्राइस मैनिपुलेशन (Price Manipulation) और लिक्विडिटी (Liquidity) की कमी जैसी दिक्कतों से निपटने के लिए उठाया जा रहा है।

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प्रमुख अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज जैसे NYSE, Nasdaq, CME Group और Cboe Global Markets 2026 के अंत तक अपनी ट्रेडिंग की अवधि को काफी बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। NYSE Arca लगभग 22 घंटे, Nasdaq 23 घंटे (वैश्विक निवेशकों के लिए नाइट सेशन सहित) तक ट्रेडिंग की पेशकश करने की योजना बना रहा है। Cboe अपने EDGX इक्विटी एक्सचेंज पर 24/5 ट्रेडिंग का लक्ष्य रख रहा है। CME Group 2026 की दूसरी तिमाही तक अपनी क्रिप्टोकरेंसी फ्यूचर्स (Cryptocurrency Futures) और ऑप्शंस (Options) को 24/7 ट्रेडिंग के लिए खोल देगा।

यह कदम अमेरिकी स्टॉक्स तक लगातार पहुंच चाहने वाले ग्लोबल निवेशकों की मजबूत मांग से प्रेरित है। इसका एक मुख्य कारण ऑफ-पीक घंटों के दौरान कम लिक्विडिटी (Liquidity) में प्राइस मैनिपुलेशन (Price Manipulation) और कीमत की खोज (Price Discovery) से जुड़ी मौजूदा समस्याएं हैं, जहां प्राइस स्प्रेड (Price Spread) चौड़े हो जाते हैं।

बाजार की संरचना और पैमाना

इस पहल में शामिल प्रमुख एक्सचेंज ऑपरेटर्स अपने आप में बड़े नाम हैं। NYSE की पैरेंट कंपनी Intercontinental Exchange (ICE) का मार्केट कैप लगभग $92 बिलियन है। Nasdaq का वैल्यूएशन लगभग $49.6 बिलियन, CME Group का $110 बिलियन और Cboe Global Markets का $30.3 बिलियन है। यह लंबी ट्रेडिंग घंटों की दौड़ अधिक ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) और संबंधित फीस आय को आकर्षित करने के लिए है।

इस बदलाव के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) सुधारों की आवश्यकता होगी। उदाहरण के लिए, Depository Trust and Clearing Corporation (DTCC) 2026 की दूसरी तिमाही तक 24/5 ट्रेडिंग का समर्थन करने के लिए अपने क्लियरिंग घंटों (Clearing Hours) का विस्तार कर रहा है। सिक्योरिटीज इंफॉर्मेशन प्रोसेसर्स (SIPs) भी नई ट्रेडिंग समय-सारणी से मेल खाने के लिए अपने ऑपरेटिंग घंटों को बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। एक्सचेंजों, क्लियरिंगहाउसों और डेटा प्रोवाइडर्स के बीच यह सहयोग एक सफल लगभग-निरंतर ट्रेडिंग सिस्टम के लिए महत्वपूर्ण है।

ट्रेडिंग घंटों का विकास

24/7 ट्रेडिंग की ओर यह कदम बाजार तक पहुंच (Market Access) के विकास में नवीनतम चरण है। कभी अमेरिकी इक्विटी मार्केट्स (Equity Markets) बहुत कम समय के लिए खुलते थे। शनिवार की ट्रेडिंग सेशंस को अंततः बंद कर दिया गया और 1990 के दशक की शुरुआत में पायलट प्रोग्राम्स से शुरू होकर आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग (After-hours Trading) को धीरे-धीरे पेश किया गया। आज, 24 घंटे के न्यूज साइकल (News Cycle) और बढ़ते ग्लोबल इन्वेस्टमेंट को देखते हुए, पारंपरिक सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे (ET) तक का ट्रेडिंग विंडो पुराना लगने लगा है। डीसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजों (Decentralized Exchanges) और फिनटेक प्लेटफॉर्म्स (Fintech Platforms) की लोकप्रियता, जो लगातार ट्रेडिंग की पेशकश करते हैं, निरंतर बाजार पहुंच की व्यापक मांग को उजागर करती है।

जोखिम और चुनौतियां

अधिक लिक्विडिटी का लक्ष्य होने के बावजूद, लंबे ट्रेडिंग घंटों से लिक्विडिटी और भी बंट सकती है, खासकर रात के दौरान। इन समयों के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम कम होने से प्राइस स्प्रेड (Price Spread) चौड़े हो सकते हैं और कीमतों में अधिक उतार-चढ़ाव (Price Swings) आ सकता है। इससे निवेशकों, खासकर रिटेल ट्रेडर्स (Retail Traders) के लिए सर्वोत्तम संभव कीमतों पर ट्रेड करना मुश्किल हो जाएगा। एक्सटेंडेड घंटों के दौरान नेशनल बेस्ट बिड एंड ऑफर (NBBO) स्टैंडर्ड की कमी भी सर्वोत्तम मूल्य प्राप्त करने की आवश्यकता को जटिल बनाती है, जिससे विभिन्न वेन्यूज पर खराब एग्जीक्यूशन (Execution) हो सकता है।

मैनिपुलेशन की चिंताएं, जैसे स्टॉप-लॉस हंटिंग (Stop-loss hunting) या शांत अवधि के दौरान मध्यस्थों द्वारा कीमतें तय करना, प्रभावी ढंग से निगरानी न होने पर बढ़ सकती हैं। ब्रोकर-डीलर्स (Broker-dealers) को मानक बैंकिंग घंटों के बाहर जोखिम और लिक्विडिटी का प्रबंधन करने में ऑपरेशनल बाधाओं का सामना करना पड़ेगा। नियामकों (Regulators) के सामने भी चौबीसों घंटे ट्रेडिंग को कवर करने के लिए निगरानी और सर्विलांस सिस्टम (Surveillance Systems) को समायोजित करने की एक महत्वपूर्ण चुनौती है, जो बाजार में हेरफेर साबित करने की ऐतिहासिक चुनौतियों को देखते हुए कठिन है।

आगे क्या

लगभग 24/7 ट्रेडिंग की ओर यह कदम बाजार की पहुंच को बदल देगा और एक्सचेंजों के लिए ट्रेडिंग वॉल्यूम और राजस्व में वृद्धि कर सकता है। हालांकि, इसकी सफलता मजबूत टेक्नोलॉजी (Technology), प्रभावी रेगुलेशन (Regulation) और खंडित लिक्विडिटी (Fragmented Liquidity) व खराब प्राइस डिस्कवरी (Price Discovery) जैसे जोखिमों के प्रबंधन पर निर्भर करेगी। उद्योग की बाजारों को हर समय निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने की क्षमता निवेशक के विश्वास और इस नए ट्रेडिंग माहौल के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.