भारत के डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म UPI ने अक्टूबर 2026 में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। पहली बार डेली ट्रांजैक्शन वैल्यू **₹1 लाख करोड़** के आंकड़े को पार कर गई है, जिसका मुख्य कारण त्योहारी सीजन में ग्राहकों की खरीदारी रही है।
आंकड़ों की जुबानी
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में UPI के जरिए कुल 25.47 अरब ट्रांजैक्शंस किए गए। महीने भर की कुल वैल्यू ₹31.53 लाख करोड़ रही। अगर इसे रोजाना के औसत में देखें, तो यह लगभग 822 मिलियन डेली पेमेंट है, जिसकी कुल वैल्यू ₹1,01,707 करोड़ के स्तर पर पहुंच गई है। त्योहारी सीजन के चलते रिटेल खर्च में हुई भारी बढ़ोतरी ने इस ग्रोथ को नई ऊंचाई दी है।
MDR चार्ज पर सस्पेंस
पेमेंट इकोसिस्टम में एक बड़ा बदलाव आने वाला है, लेकिन फिलहाल इसे टाल दिया गया है। ₹2,000 से ज्यादा के P2M (Person-to-Merchant) ट्रांजैक्शंस पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की योजना थी, जिसे दिवाली के बाद तक के लिए टाल दिया गया है। यह फीस बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स की इंफ्रास्ट्रक्चर लागत को कवर करने के लिए जरूरी मानी जा रही है।
बाजार की नजरें
इन्वेस्टर्स अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि जब ये चार्ज लागू होंगे, तो मार्केट का रिएक्शन कैसा होगा। कई मर्चेंट एसोसिएशन इस अतिरिक्त शुल्क का विरोध कर रहे हैं, जिससे डिजिटल पेमेंट की रफ्तार पर असर पड़ने की चिंता भी जताई जा रही है। दिवाली के बाद इसका इम्प्लीमेंटेशन और व्यापारियों की प्रतिक्रिया ही तय करेगी कि आगे का रास्ता कैसा होगा।
