UPI अब सिर्फ पेमेंट का जरिया नहीं, बल्कि प्री-सैंक्शन क्रेडिट का जरिया भी बन गया है। जहां यह सुविधा ग्राहकों को लचीलापन देती है, वहीं दूसरी ओर फिनटेक सेक्टर पर **0.4%** MDR को लेकर मची हलचल से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
क्रेडिट या कर्ज का जाल?
अब UPI के जरिए आप QR कोड स्कैन कर सीधे उधार पर खरीदारी कर सकते हैं। यह सुविधा तो आकर्षक है, लेकिन इसे साधारण UPI ट्रांजेक्शन समझने की गलती न करें। ये पूरी तरह से एक डेट (Debt) प्रोडक्ट है। इस पर ब्याज दरें, बिलिंग साइकिल और लेट फीस जैसे नियम लागू होते हैं। अगर आपने समय पर पेमेंट नहीं किया, तो यह आपके क्रेडिट स्कोर पर सीधा असर डालेगा।
रेगुलेटरी पाबंदियां
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने साफ कर दिया है कि इन क्रेडिट लाइन्स का इस्तेमाल केवल मर्चेंट पेमेंट्स के लिए ही होगा। इसे आप P2P (पर्सन टू पर्सन) ट्रांसफर या कैश निकालने के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते। लिमिट आपके बैंक और जारीकर्ता कंपनी की रिस्क असेसमेंट पर निर्भर करेगी।
फिनटेक सेक्टर में उथल-पुथल
निवेशकों के लिए इस वक्त सबसे बड़ी पहेली 0.4% का नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) है, जो ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर लागू होने वाला है। इसकी प्रस्तावित तारीख 15 अक्टूबर, 2026 है। हालांकि क्रेडिट-लिंक्ड UPI ट्रांजेक्शन अभी इस दायरे से बाहर हैं, लेकिन बाजार में चर्चा है कि त्योहारों के सीजन को देखते हुए इसे 2027 की शुरुआत तक टाला जा सकता है। इसी अनिश्चितता के कारण One 97 Communications (Paytm) और One Mobikwik Systems जैसे शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
