UPI में 731 बैंक एक्टिव! जून 2026 तक ट्रांजैक्शन में 23.5% की बम्पर बढ़ोतरी

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AuthorMehul Desai|Published at:
UPI में 731 बैंक एक्टिव! जून 2026 तक ट्रांजैक्शन में 23.5% की बम्पर बढ़ोतरी

भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जून 2026 तक 731 बैंकों के साथ एक नया कीर्तिमान स्थापित कर चुका है। यह 2020 में सिर्फ 155 बैंकों से काफी बड़ी छलांग है। इस विस्तार ने डिजिटल पेमेंट्स के रिकॉर्ड **22.71 बिलियन** ट्रांजैक्शन को संभव बनाया है, जो भारतीय वित्तीय सिस्टम में डिजिटल भुगतान की बढ़ती पैठ को दर्शाता है।

UPI में कैसे आया इतना उछाल?

भारतीय वित्तीय सेक्टर में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) का विस्तार लगातार जारी है। जून 2026 तक, 731 बैंक इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। यह पिछले साल जून 2025 में 675 बैंकों के मुकाबले एक अच्छी बढ़ोतरी है, और खास बात यह है कि 6 साल पहले यानी 2020 में यह संख्या महज़ 155 थी। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के अनुसार, मई और जून 2026 के बीच ही 11 नए बैंकिंग संस्थानों को UPI नेटवर्क में शामिल किया गया है।

ट्रांजैक्शन में रिकॉर्डतोड़ तेजी

बैंकों की बढ़ती भागीदारी का सीधा असर ट्रांजैक्शन वॉल्यूम पर दिख रहा है। जून 2026 में UPI नेटवर्क पर कुल 22.71 बिलियन ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए। जून 2025 में यह आंकड़ा 18.39 बिलियन था, यानी पिछले साल की तुलना में 23.5% की जबरदस्त सालाना वृद्धि हुई है। अगर जून 2020 के आंकड़ों को देखें, तो उस समय यह नेटवर्क सिर्फ 1.33 बिलियन ट्रांजैक्शन संभालता था।

BHIM ऐप और सब्सिडियरी पर फोकस

UPI के साथ-साथ, भारत इंटरफेस फॉर मनी (BHIM) ऐप को भी वित्तीय संस्थानों का लगातार समर्थन मिल रहा है। जून 2026 तक, 553 बैंक BHIM प्लेटफॉर्म पर लाइव थे, जो जून 2025 के 512 बैंकों से ज्यादा है। यह ऐप एंड्रॉइड पर 278.5 मिलियन और आईओएस पर 9.57 मिलियन बार डाउनलोड किया जा चुका है।

इस डिजिटल भुगतान कारोबार को और बेहतर ढंग से संभालने के लिए, NPCI ने 2024 में अपनी 100% सब्सिडियरी 'NPCI BHIM Services Ltd' का गठन किया है। यह कदम BHIM ऐप के ऑपरेशन्स और यूजर एक्सपीरियंस को सुव्यवस्थित करने पर ज़ोर देता है, खासकर तब जब डिजिटल पेमेंट वॉल्यूम लगातार बढ़ रहा है।

निवेशकों और सेक्टर के लिए मायने

UPI की यह ग्रोथ भारत में डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज की ओर तेज़ी से हो रहे बदलाव का संकेत है। छोटे और क्षेत्रीय वित्तीय संस्थानों का डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में गहरा एकीकरण, डिजिटल फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स के लिए टोटल एड्रेसेबल मार्केट का विस्तार कर रहा है।

हालांकि ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में वृद्धि डिजिटल इकोनॉमी के लिए अच्छी खबर है, लेकिन निवेशकों के लिए मुख्य चिंता यह है कि क्या यह ग्रोथ टिकाऊ है और ये ट्रांजैक्शन वॉल्यूम पेमेंट वैल्यू चेन में शामिल विभिन्न खिलाड़ियों के लिए रेवेन्यू में कैसे परिवर्तित हो रहे हैं। जैसे-जैसे यह सेक्टर परिपक्व होगा, डिजिटल पेमेंट सेवाओं की लाभप्रदता और संस्थानों की क्षमता पर ध्यान केंद्रित हो सकता है, जिसमें डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा और तकनीकी स्केलिंग से जुड़ी बढ़ती लागतों का प्रबंधन शामिल है। NPCI से ट्रांजैक्शन वैल्यू और मर्चेंट एडॉप्शन रेट्स पर आगे के अपडेट इस सेगमेंट की वित्तीय सेहत पर और अधिक स्पष्टता प्रदान करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.