UCO Bank ने अपने नए 'GST Smart' प्लेटफॉर्म के जरिए MSME लोन प्रक्रिया को बेहद तेज कर दिया है। अब ग्राहक **₹25 लाख** तक का कोलैटरल-फ्री लोन सिर्फ **15 मिनट** में प्राप्त कर सकते हैं, जो बैंक की डिजिटल लेंडिंग रणनीति का हिस्सा है।
15 मिनट में लोन की सुविधा
UCO Bank ने अपने इस नए प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल लेंडिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 'GST Smart' का उपयोग करके, बैंक GST रिटर्न डेटा के आधार पर ₹2 लाख से लेकर ₹25 लाख तक का कोलैटरल-फ्री लोन मंजूर कर रहा है। पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटेड है, जिससे आवेदकों का कीमती समय बचेगा और कागज-पत्रों का झंझट खत्म होगा।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
डिजिटल लेंडिंग से बैंक का ऑपरेशनल खर्च जरूर कम होगा, लेकिन निवेशकों की नजर 'एसेट क्वालिटी' पर टिकी है। मार्च 2026 तक बैंक के MSME सेगमेंट में एनपीए (NPA) का स्तर 3.42% था। अब डिजिटल लेंडिंग की रफ्तार बढ़ाते समय बैंक को बैड लोन पर लगाम लगाने की चुनौती का भी सामना करना पड़ेगा।
भविष्य की राह और चुनौतियां
बैंक ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इस प्लेटफॉर्म की लिमिट को ₹1 करोड़ तक बढ़ाया जा सकता है। इस पूरी तकनीक को ScoreMe Solutions के साथ मिलकर तैयार किया गया है। हालांकि, सरकारी बैंक होने के नाते 90.95% हिस्सेदारी सरकार के पास है और हाल ही में यूनियन-लेड स्ट्राइक के कारण ऑपरेशनल कामकाज पर भी असर पड़ने की चर्चाएं हैं, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
