UCO Bank ने सितंबर 2026 तिमाही के लिए अपने नतीजे घोषित कर दिए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट **27%** बढ़कर **₹786 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके पीछे मुख्य कारण मजबूत क्रेडिट ग्रोथ है।
सरकारी क्षेत्र के UCO Bank ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में निवेशकों को खुश करने वाले नतीजे पेश किए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के ₹620 करोड़ से बढ़कर ₹786 करोड़ हो गया है। बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी 16% के इजाफे के साथ ₹1,872 करोड़ दर्ज किया गया है।
मजबूती के पीछे की वजह
बैंक की कोर इनकम यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 14% की बढ़त देखी गई है, जो ₹2,886 करोड़ रही। बैंक का ग्लोबल नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.00% पर स्थिर बना हुआ है। वहीं, बैंक की फीस-आधारित आय में भी 35% का उछाल आया है, जो ₹558 करोड़ रही है।
लोन वितरण और डिपॉजिट का गणित
बैंक ने लोन बांटने में काफी आक्रामक रुख दिखाया है। ग्रॉस एडवांसेज 24.7% बढ़कर ₹2,87,690 करोड़ हो गए हैं। विशेष रूप से RAM (रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME) सेगमेंट में 27% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो कुल ₹1,68,736 करोड़ तक पहुंच गई है। हालांकि, डिपॉजिट में बढ़ोतरी की रफ्तार थोड़ी धीमी (14.36%) रही, जिसके चलते क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेशियो बढ़कर 82.29% हो गया है। निवेशक अब नजर गड़ाए हुए हैं कि बैंक इस तेजी को बनाए रखने के लिए डिपॉजिट कैसे जुटाता है।
एसेट क्वालिटी में सुधार
बैंक के बैड लोन्स में बड़ी गिरावट आई है। ग्रॉस NPA गिरकर 1.96% और नेट NPA 0.18% पर आ गया है। बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो 98.36% है, जो यह दर्शाता है कि बैंक ने संभावित जोखिमों के लिए पर्याप्त फंड सुरक्षित रखा है। 18.85% का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो बताता है कि बैंक भविष्य में और ग्रोथ के लिए पूरी तरह तैयार है।
