रिकॉर्डतोड़ मुनाफा और भविष्य की योजना
UCO Bank के मैनेजमेंट ने इस बार नतीजे पेश करते हुए भविष्य के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार किया है। बैंक का लक्ष्य है कि FY27 तक वे 1% का ROA हासिल कर लें। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए, वे डिपॉजिट की रीप्राइजिंग (Deposit Repricing) के जरिए मार्जिन बढ़ाने पर जोर देंगे, जिससे नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) को बढ़ावा मिलेगा।
तिमाही और सालाना नतीजे
मार्च तिमाही (Q4 FY26) में, UCO Bank का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 23% बढ़कर ₹801 करोड़ रहा। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (FY26) के लिए, बैंक का कुल नेट प्रॉफिट 13.21% बढ़कर ₹2767.86 करोड़ रहा। मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, अश्विनी कुमार (Ashwani Kumar) ने कहा कि बैंक का मौजूदा ROA करीब 0.69% है, जिसे वे अगले दो सालों में 1% तक ले जाना चाहते हैं। बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) ने मार्च तिमाही में 3% के आंकड़े को पार किया, और FY27 के लिए 2.8-2.9% के दायरे में रहने का अनुमान है, जो 3% से ऊपर बना रहेगा। FY26 में ग्रॉस एडवांसेज (Gross Advances) में 19.44% की बढ़ोतरी हुई, जो कुल ₹5.90 लाख करोड़ तक पहुंच गई।
बाजार का माहौल और साथियों की चाल
लगभग ₹33,280 करोड़ के मार्केट कैप वाले UCO Bank का P/E रेशियो अप्रैल 2026 के अंत में 12.67-13.59 के बीच था। भारतीय बैंकिंग सेक्टर में क्रेडिट ग्रोथ (Credit Growth) के 11-13% रहने की उम्मीद है, जिसमें रिटेल और MSME सेगमेंट मुख्य चालक होंगे। UCO Bank के RAM पोर्टफोलियो में FY26 में 24.23% की वृद्धि देखी गई, जो ₹1,52,324 करोड़ तक पहुंच गया। हालांकि, FY27 के लिए बैंक का क्रेडिट ग्रोथ अनुमान 12-14% है, जो पिछले दो सालों के 17% (FY25) और 19% (FY26) के वास्तविक ग्रोथ से कम है।
साथी बैंकों की बात करें तो, बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) 6.84 के P/E रेशियो पर, IDBI Bank 8.83 पर, और इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) 13.62 पर ट्रेड कर रहे हैं। UCO Bank का P/B रेशियो 1.00 है, यानी यह अपनी बुक वैल्यू पर कारोबार कर रहा है। पिछले एक साल में शेयर में 14.5% की गिरावट आई है, लेकिन पिछले महीने में 10.38% का उछाल देखा गया। बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में भी सुधार हुआ है, मार्च 2026 तक ग्रॉस एनपीए (Gross NPAs) 2.17% और नेट एनपीए (Net NPAs) 0.27% पर आ गए हैं।
चुनौतियां और आगे की राह
UCO Bank के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के बावजूद, कुछ चुनौतियां भी हैं। FY27 के लिए 12-14% का क्रेडिट ग्रोथ अनुमान, पिछले प्रदर्शन और सेक्टर की उम्मीदों से थोड़ा रूढ़िवादी लगता है। यह ग्रोथ में संभावित बाधाओं या जोखिम कम करने पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत हो सकता है। भले ही बैंक डिपॉजिट रीप्राइजिंग से मार्जिन बढ़ने की उम्मीद कर रहा है, लेकिन सेक्टर पर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर 20-30 basis points का दबाव रहने की आशंका है, जो क्रूड ऑयल कीमतों और बॉन्ड यील्ड्स में बढ़ोतरी से प्रभावित हो सकता है।
इसके अलावा, अप्रैल 2026 से लागू होने वाले डिजिटल बैंकिंग, लिक्विडिटी और गवर्नेंस के नए रेगुलेटरी नियमों का पालन करने के लिए महत्वपूर्ण परिचालन बदलावों की आवश्यकता होगी। भविष्य की ग्रोथ और वित्तीय आधार को मजबूत करने के लिए, UCO Bank FY27 में इक्विटी के जरिए ₹2,700 करोड़ और बॉन्ड्स के जरिए ₹5,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रहा है। ये योजनाएं शेयरहोल्डर वैल्यू को डाइल्यूट कर सकती हैं या लीवरेज बढ़ा सकती हैं। बोर्ड ने FY2025-26 के लिए ₹0.44 प्रति शेयर डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है।
