UCO Bank: बोर्ड की मंजूरी मिली! विदेशी कर्ज के ज़रिए ₹1 बिलियन जुटाने की योजना

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AuthorNeha Patil|Published at:
UCO Bank: बोर्ड की मंजूरी मिली! विदेशी कर्ज के ज़रिए ₹1 बिलियन जुटाने की योजना

UCO Bank के बोर्ड ने अपनी मीडियम टर्म नोट (MTN) प्रोग्राम के तहत विदेशी करेंसी डेट इंस्ट्रूमेंट्स के ज़रिए **$1 बिलियन** तक जुटाने की मंजूरी दे दी है। इस कदम का मकसद सरकारी बैंक की लॉन्ग-टर्म फंडिंग को मज़बूत करना है।

UCO Bank जुटाएगा $1 बिलियन का विदेशी कर्ज

UCO Bank के बोर्ड ने 24 अगस्त 2026 को अपनी मीडियम टर्म नोट (MTN) प्रोग्राम के तहत विदेशी करेंसी डेट इंस्ट्रूमेंट्स के ज़रिए $1 बिलियन (लगभग ₹83,000 करोड़) तक जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह पैसा एक या एक से ज़्यादा किश्तों में उठाया जाएगा। बैंक ने 19 अगस्त 2026 को ही एक्सचेंजों को इस संभावित फंडरेज़िंग के बारे में संकेत दिया था।

फंडिंग को मज़बूत करने की कवायद

यह फैसला बैंक की फंडिंग ज़रूरतों को पूरा करने और लोन देने की अपनी क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। अक्सर बैंक अपनी फंडिंग के स्रोतों को बढ़ाने या बिजनेस ग्रोथ के लिए लंबी अवधि की पूंजी की ज़रूरत होने पर अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों का रुख करते हैं। आपको बता दें कि जून 2026 को खत्म हुई तिमाही (Q1FY27) में UCO Bank ने ₹656 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।

विदेशी कर्ज के रिस्क और दांव

हालांकि, विदेशी करेंसी में कर्ज लेना बैंकों के लिए सामान्य बात है, लेकिन इसमें कुछ खास रिस्क जुड़े होते हैं। सबसे बड़ा रिस्क करेंसी एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव का है। चूंकि यह कर्ज डॉलर में होगा, इसलिए अगर रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो मूलधन और ब्याज चुकाने की लागत रुपये में बढ़ जाएगी। इस रिस्क से बचने के लिए बैंक अक्सर 'हेजिंग' जैसे फाइनेंसियल टूल्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इनकी लागत बैंक के मुनाफे पर असर डाल सकती है।

एक और महत्वपूर्ण बात है फंड की लागत। अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में कर्ज लेने की दरें ग्लोबल इंटरेस्ट रेट्स और बैंक की क्रेडिट प्रोफाइल पर निर्भर करती हैं। अगर ग्लोबल रेट्स ऊंची बनी रहती हैं, तो इस $1 बिलियन के कर्ज पर ब्याज चुकाना घरेलू स्तर पर फंड जुटाने से महंगा पड़ सकता है।

मार्केट और गवर्नेंस पर नज़र

निवेशक बैंक के रेगुलेटरी कंप्लायंस पर भी बारीकी से नज़र रखते हैं, खासकर मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की ज़रूरतों को लेकर। पब्लिक सेक्टर के बैंक जैसे UCO Bank ने पहले भी इन नियमों को पूरा करने के लिए रेगुलेटर्स से मोहलत मांगी है। ऐसे में, शेयरहोल्डिंग में बदलाव या रेगुलेटरी डेडलाइन से जुड़ी कोई भी खबर महत्वपूर्ण मानी जाती है।

स्टॉक मार्केट की बात करें तो, इस ऐलान के बाद 24 अगस्त 2026 को UCO Bank के शेयर लगभग ₹25.87 से ₹25.91 के स्तर पर बंद हुए। भविष्य में, शेयरधारकों के लिए यह देखना अहम होगा कि यह नोट्स कब जारी किए जाते हैं, किस इंटरेस्ट रेट पर फंड जुटाया जाता है, और बैंक मैनेजमेंट इस विदेशी पूंजी का इस्तेमाल लोन ग्रोथ को बढ़ाने के लिए कैसे करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.