UBS में बड़ी नियुक्ति: जेफरीज के डायरेक्टर आशुतोष प्रजापति अब संभालेंगे India ECM की कमान

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
UBS में बड़ी नियुक्ति: जेफरीज के डायरेक्टर आशुतोष प्रजापति अब संभालेंगे India ECM की कमान

स्विट्जरलैंड के बड़े बैंक UBS Securities ने जेफरीज (Jefferies) के पूर्व डायरेक्टर आशुतोष प्रजापति को भारत में इक्विटी कैपिटल मार्केट्स (ECM) का नया हेड नियुक्त किया है। यह कदम कंपनी की निवेश बैंकिंग (Investment Banking) में अपनी मौजूदगी बढ़ाने और देश में कैपिटल जुटाने वाले सौदों में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने की रणनीति का हिस्सा है।

UBS Securities में आशुतोष प्रजापति की एंट्री

UBS Securities ने आशुतोष प्रजापति को भारत में इक्विटी कैपिटल मार्केट्स (ECM) के नए प्रमुख के तौर पर नियुक्त करने की घोषणा की है। प्रजापति, जो पहले जेफरीज (Jefferies) में डायरेक्टर के पद पर थे, अब UBS के लिए कंपनियों को फंड जुटाने, शेयर बिक्री और IPOs जैसी सलाह देने के प्रयासों का नेतृत्व करेंगे। यह कदम स्विस वित्तीय दिग्गज के लिए भारतीय बाजार में अपनी निवेश बैंकिंग (Investment Banking) उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है।

20 साल से ज्यादा का अनुभव

प्रजापति के पास वित्तीय सेवाओं (Financial Services) में 20 वर्षों से अधिक का पेशेवर अनुभव है। जेफरीज में अपने चार साल से अधिक के कार्यकाल के दौरान, वह विभिन्न इक्विटी कैपिटल लेनदेन में शामिल रहे। जेफरीज से पहले, उन्होंने मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) और एडलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज (Edelweiss Financial Services) जैसे प्रमुख वित्तीय संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। वैश्विक और घरेलू दोनों फर्मों के साथ उनके गहरे अनुभव से UBS को भारतीय नियामक और बाजार परिदृश्य की जटिलताओं को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।

मुंबई में रणनीतिक विस्तार

इस वरिष्ठ नेता की भर्ती UBS के भारत में अपने परिचालन को मजबूत करने के हालिया प्रयासों के साथ हुई है। बैंक ने मुंबई में एक नया, एकीकृत कार्यालय खोला है, जिसे अपने ग्लोबल बैंकिंग, ग्लोबल मार्केट्स और ग्लोबल रिसर्च टीमों को एक ही छत के नीचे लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इन कार्यों को केंद्रीकृत करके, बैंक अपने ग्राहकों को अधिक कुशल और व्यापक समाधान प्रदान करने का लक्ष्य रखता है, ताकि अलग-अलग काम करने के बजाय एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया जा सके।

भारत का इक्विटी कैपिटल मार्केट (Equity Capital Market) अत्यधिक प्रतिस्पर्धी है, जहां वैश्विक निवेश बैंक और स्थानीय ब्रोकरेज फर्म दोनों बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों और नई पीढ़ी की कंपनियों से सौदे हासिल करने के लिए होड़ कर रहे हैं। UBS के लिए, इस रणनीति की सफलता नए नेतृत्व को अपने विस्तारित बुनियादी ढांचे के साथ एकीकृत करने और बड़े सौदों को जीतने की क्षमता पर निर्भर करेगी। निवेशकों और बाजार पर्यवेक्षकों द्वारा नए सौदे हासिल करने में बैंक की प्रगति और ऐसे उद्योग में लाभ मार्जिन बनाए रखने की उसकी क्षमता की निगरानी की जाएगी, जहां प्रतिस्पर्धा अक्सर सलाहकार शुल्क पर दबाव डालती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.