मार्जिन दबाव ने प्रॉफिट की चमक फीकी की
Union Bank of India के तिमाही नतीजों ने साफ कर दिया कि भले ही नेट प्रॉफिट बढ़ा हो, लेकिन कंपनी के मुख्य बिजनेस की परफॉरमेंस कमजोर रही। रिपोर्ट्स के अनुसार, बैंक का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 6.6% बढ़कर ₹5,316 करोड़ हो गया और ₹5 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) भी प्रस्तावित किया गया। लेकिन, मार्केट को यह आंकड़े रास नहीं आए।
इसकी वजह रही नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 1.14% की गिरावट, जो घटकर ₹9,406 करोड़ रह गई। साथ ही, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) भी घटकर 2.64% पर आ गया, जो पिछले साल 2.97% था। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी सिर्फ 3.3% की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रोविजन्स (Provisions) में भारी इजाफा और बढ़ते स्लिपेज (Slippages) ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसने एसेट क्वालिटी में सुधार के बावजूद स्टॉक पर दबाव बनाया। भारी वॉल्यूम के साथ शेयर 8.35% तक नीचे आ गया।
एसेट क्वालिटी सुधरी, पर प्रोविजन्स का बोझ बढ़ा
जहां एक ओर बैंक के ग्रॉस एनपीए (Gross NPAs) घटकर 2.82% और नेट एनपीए (Net NPAs) 0.48% पर आ गए, जो कि एक अच्छा संकेत है, वहीं दूसरी ओर प्रोविजन्स में अचानक बड़ी बढ़ोतरी देखी गई। यह तिमाही में ₹2,640 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछली तिमाही के ₹1,925 करोड़ से काफी ज्यादा है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या बैंक भविष्य में किसी खराब लोन (Bad Loan) की आशंका को लेकर सतर्क हो रहा है।
वैल्यूएशन और आगे की राह
Valuation के हिसाब से Union Bank of India अपने पीयर्स जैसे State Bank of India (SBI) की तुलना में सस्ता है। SBI जहां लगभग 10x पर ट्रेड कर रहा है, वहीं UBI करीब 7-8x पर है। यह Punjab National Bank (PNB) और Bank of Baroda (BoB) के समान स्तर पर है।
हालांकि, बैंक का लोन ग्रोथ 9.74% रहा, लेकिन डिपॉजिट ग्रोथ सिर्फ 2.72% रही। अगर यह गैप बना रहा, तो बैंक को महंगे फंड सोर्सिंग (Funding Sources) का इस्तेमाल करना पड़ सकता है, जिससे NIM और मुनाफे पर और दबाव आ सकता है। बैंकिंग सेक्टर के लिए FY27 में क्रेडिट ग्रोथ धीमी रहने की उम्मीद है, जो NIM के लिए और चुनौतियां खड़ी कर सकती है। एनालिस्ट्स का मानना है कि फिलहाल स्टॉक में ज्यादा तेजी की उम्मीद कम है, क्योंकि प्रॉफिट की क्वालिटी को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
