U GRO Capital की फंड जुटाने की बड़ी योजना
U GRO Capital ने अपने कैपिटल बेस को और मजबूत करने और MSME सेगमेंट में अपनी लेंडिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी फंड जुटाने की पहल को मंजूरी दे दी है। कंपनी ₹365 करोड़ और $20 मिलियन (लगभग ₹166 करोड़) नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स (ECBs) के जरिए प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर जुटाएगी।
फंड की पूरी जानकारी: चार किस्तों में जुटाई जाएगी रकम
कंपनी की इन्वेस्टमेंट एंड बॉरोइंग कमेटी ने इस फंड जुटाने की योजना को हरी झंडी दिखा दी है, जो चार किस्तों में पूरी की जाएगी:
- पहली किस्त: ₹200 करोड़ के NCDs, जिन पर 9.50% का कूपन रेट होगा।
- दूसरी किस्त: ₹100 करोड़ के NCDs, जिन पर 9.75% का कूपन रेट मिलेगा।
- तीसरी किस्त: ₹65 करोड़ के सबऑर्डिनेेटेड (Subordinated) NCDs।
- चौथी किस्त: $20 मिलियन के ECBs, जिन पर फ्लोटिंग रेट कूपन (Term SOFR + 300 bps) लागू होगा।
इन फंड्स का आवंटन मार्च 2026 के बीच (18-27 मार्च) होने की उम्मीद है, और इनकी मैच्योरिटी अप्रैल 2027 से मार्च 2032 तक अलग-अलग होगी।
यह फंडिंग क्यों है अहम?
यह फंड जुटाना U GRO Capital के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कंपनी के कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (Capital Adequacy Ratio) को बेहतर बनाएगा। इससे कंपनी की वित्तीय मजबूती बढ़ेगी और वह MSME सेक्टर की बढ़ती क्रेडिट (Credit) जरूरतों को पूरा करने के लिए अधिक कर्ज दे सकेगी।
कंपनी का बैकग्राउंड और आगे क्या देखें?
U GRO Capital, जो 2018 में स्थापित एक DataTech NBFC है, MSME सेक्टर के लिए कस्टमाइज्ड लोन सॉल्यूशंस प्रदान करती है। कंपनी लगातार फंड जुटाती रही है ताकि अपने विस्तार योजनाओं को पूरा कर सके। निवेशकों को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कंपनी इन फंड्स का आवंटन कितनी सफलतापूर्वक करती है और इसका उपयोग उसके MSME लेंडिंग बिजनेस को कितना सपोर्ट करता है। साथ ही, ECBs पर लागू होने वाले फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट्स (Floating Interest Rates) पर भी नजर रखनी होगी, जो बाजार की स्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं।