Turtlemint के निवेशकों को खुशखबरी! पहली तिमाही में कंपनी ने दर्ज किया मुनाफ़ा, FY27 तक फुल-प्रॉफिट का लक्ष्य

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AuthorAditya Rao|Published at:
Turtlemint के निवेशकों को खुशखबरी! पहली तिमाही में कंपनी ने दर्ज किया मुनाफ़ा, FY27 तक फुल-प्रॉफिट का लक्ष्य

इंश्योरटेक प्लेटफार्म Turtlemint ने Q4 FY26 में ₹3 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज कर अपनी पहली मुनाफे वाली तिमाही हासिल की है। कंपनी अब रेवेन्यू ग्रोथ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर ध्यान केंद्रित करके FY27 तक फुल-ईयर प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने की उम्मीद कर रही है।

Turtlemint की बदलती तस्वीर: घाटे से मुनाफे की ओर

मुंबई स्थित इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफार्म Turtlemint Fintech Solutions Ltd ने अपने वित्तीय नतीजों में एक बड़ा बदलाव दिखाया है। मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए, कंपनी ने ₹3 करोड़ का अपना पहला तिमाही नेट प्रॉफिट (Net Profit) घोषित किया है। इसके साथ ही, एडजस्टेड EBITDA ₹2.9 करोड़ रहा। यह एक बड़ी सफलता है, क्योंकि इससे पहले कंपनी पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹184.3 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Net Loss) दर्ज कर रही थी, जो FY25 के ₹202.6 करोड़ के लॉस से कम था।

FY27 तक फुल-ईयर प्रॉफिटेबिलिटी का प्लान

कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि वे फाइनेंशियल ईयर 2027 के अंत तक फुल-ईयर प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने की राह पर हैं। हालांकि, यह संभव है कि कुछ तिमाहियों में मौसमी कारणों से थोड़ा घाटा दिखे, लेकिन अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए कंपनी का कुल रुख पॉजिटिव रहने की उम्मीद है। इस बदलाव का मुख्य कारण ऑपरेटिंग लेवरेज (Operating Leverage) है, जिसमें ऑपरेटिंग एक्सपेंस (Operating Expenses) की तुलना में टोटल रेवेन्यू (Total Revenue) तेज़ी से बढ़ेगा।

रेवेन्यू में 42% की जोरदार बढ़त

मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from Operations) ₹357 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 42% ज़्यादा है। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 में, ऑपरेशनल रेवेन्यू 57% बढ़कर ₹1,098 करोड़ हो गया। कंपनी के बेहतर फाइनेंशियल हेल्थ का एक बड़ा कारण कॉर्पोरेट ओवरहेड्स (Corporate Overheads) में कमी है, जो FY23 में रेवेन्यू का लगभग 50% था, और अब घटकर लगभग 23% रह गया है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक इसे रेवेन्यू का 6-7% तक लाना है, जिसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जाएगा।

सर्विस EBITDA में भी उछाल

इसके अलावा, कंपनी का सर्विस EBITDA, जो कॉर्पोरेट एडमिनिस्ट्रेटिव कॉस्ट (Corporate Administrative Costs) से पहले कोर प्रॉफिटेबिलिटी (Core Profitability) को मापता है, FY26 में काफी बढ़कर ₹141.6 करोड़ हो गया, जबकि FY25 में यह ₹83.2 करोड़ था। FY26 के अंत में कंपनी का कैश और बैंक बैलेंस ₹127.6 करोड़ था, जो पिछले साल के ₹316.5 करोड़ से कम है। हालांकि, मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन मजबूत है और बिजनेस मॉडल को कम वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की ज़रूरत है, साथ ही इसका फ्री कैश फ्लो कन्वर्जन रेट (Free Cash Flow Conversion Rate) भी अच्छा है।

मार्केट में कड़ी टक्कर

Turtlemint भारतीय इंश्योरटेक सेक्टर (Insurtech Sector) में काम करती है, जहां डिजिटल इंश्योरेंस सेल्स और डिस्ट्रीब्यूशन में तेज़ी देखी जा रही है। कंपनी को PB Fintech (Policybazaar की पैरेंट कंपनी) और InsuranceDekho जैसे बड़े खिलाड़ियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। 2015 में स्थापित Turtlemint ने Jungle Ventures, Nexus Venture Partners और Amansa Capital जैसे निवेशकों से लगभग $190 मिलियन का फंड जुटाया है। आगे चलकर, निवेशकों को कंपनी की प्रॉफिट मार्जिन सस्टेनेबिलिटी (Profit Margin Sustainability) और आक्रामक मार्केट कम्पटीशन (Market Competition) के बीच एक्सपेंशन प्लान (Expansion Plans) को कंट्रोल करने की क्षमता पर नज़र रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.