इन्सुरटेक कंपनी Turtlemint ने अपनी नई ग्रोथ रणनीति का खुलासा किया है। कंपनी अब आक्रामक हायरिंग के बजाय एजेंट प्रोडक्टिविटी और रिन्यूअल इनकम पर फोकस करेगी, ताकि FY27 तक ऑपरेशन्स को मुनाफे (Breakeven) में लाया जा सके।
मुनाफे की ओर Turtlemint की नई चाल
इन्सुरटेक सेक्टर में Turtlemint अब तेजी से अपने बिजनेस मॉडल को बदल रही है। Motilal Oswal Financial Services की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का लक्ष्य FY27 तक एडजस्टेड ऑपरेशन्ल ब्रेक-ईवन हासिल करना है। कंपनी अब नई भर्तियां करने के बजाय अपने मौजूदा 5.5 लाख से ज्यादा 'पॉइंट ऑफ सेल पर्सन्स' (POSP) की प्रोडक्टिविटी को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है।
रिन्यूअल इनकम से बढ़ेगी ताकत
कंपनी के प्रॉफिट का सबसे बड़ा जरिया 'रिन्यूअल इनकम' (Renewal Income) बनने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक, FY29 तक कंपनी के कुल रेवेन्यू में रिन्यूअल का हिस्सा 25% से ज्यादा हो सकता है। रिन्यूअल के जरिए मिलने वाला पैसा कम खर्च में आता है, जो कंपनी के मार्जिन को मजबूती देगा।
इंश्योरेंस के बाहर भी विस्तार
सिर्फ बीमा ही नहीं, Turtlemint अब अपने प्लेटफॉर्म पर म्यूचुअल फंड्स और क्रेडिट प्रोडक्ट्स भी जोड़ रही है। कंपनी का मकसद अपने मौजूदा एजेंट नेटवर्क का इस्तेमाल कर ज्यादा से ज्यादा फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स बेचना है। इससे कंपनी को बिना नया सेल्स चैनल बनाए ज्यादा कमाई का मौका मिलेगा।
B30 मार्केट में दबदबा
कंपनी ने देश के टॉप 30 शहरों से बाहर (B30 Markets) अपनी गहरी पैठ बना ली है। Turtlemint के 80% से ज्यादा डिजिटल पार्टनर्स छोटे शहरों और कस्बों में हैं। कंपनी का अनुमान है कि उनके पार्टनर्स के जरिए मिलने वाला प्रीमियम FY25 से FY30 के बीच 24% से 32% की CAGR से बढ़ेगा, जो कि इंडस्ट्री की 10% से 12% की ग्रोथ दर से कहीं ज्यादा है। हालांकि, बाजार में बैंकों और बड़े इंश्योरेंस ब्रोकर्स से मिल रही कड़ी चुनौती के बीच इस लक्ष्य को पूरा करना कंपनी की कुशलता पर निर्भर करेगा।
