Turtlemint Fintech Solutions के शेयरों में गुरुवार को **5%** का उछाल देखा गया। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने कंपनी पर 'Buy' रेटिंग के साथ **₹190** का टारगेट प्राइस दिया है। हालांकि, कंपनी का IPO से अब तक का सफर थोड़ा निराशाजनक रहा है।
Jefferies की 'Buy' रेटिंग से बढ़ी रौनक
Turtlemint Fintech Solutions के शेयरों ने गुरुवार को शुरुआती कारोबार में करीब 5% की बढ़त दर्ज की, जिससे शेयर का भाव लगभग ₹145 तक पहुंच गया। यह तेजी ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Jefferies द्वारा कंपनी पर सकारात्मक कवरेज शुरू करने के बाद आई है। Jefferies ने फिनटेक फर्म को 'Buy' रेटिंग दी है और ₹190 का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी भारत में पॉइंट-ऑफ-सेल-पर्सन (POSP) इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन मार्केट में अपनी मजबूत स्थिति का फायदा उठा रही है।
B30+ शहरों में ग्रोथ की उम्मीद
Jefferies का मानना है कि Turtlemint उन छोटे शहरों (जिन्हें B30+ शहर कहा जाता है) में इंश्योरेंस की मांग को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में है, जहां पारंपरिक इंश्योरेंस नेटवर्क या बैंक शाखाएं कम हैं। POSP स्पेस में 20% मार्केट शेयर के साथ, Turtlemint डिजिटल पार्टनर नेटवर्क का इस्तेमाल करके पॉलिसी बेचती है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि यह टेक-सक्षम मॉडल अगले तीन वर्षों में कंपनी के रेवेन्यू में 38% की ग्रोथ लाएगा, और FY29 तक 10% EBITDA मार्जिन हासिल कर सकता है।
IPO के बाद से शेयर में नरमी
निवेशक इन ग्रोथ की उम्मीदों को कंपनी के हालिया मार्केट प्रदर्शन के साथ तौल रहे हैं। Turtlemint ने जून 2026 में ₹152 के IPO प्राइस के मुकाबले डिस्काउंट पर शेयर बाजार में लिस्टिंग की थी। हालिया उछाल के बावजूद, शेयर अभी भी अपने IPO इश्यू प्राइस से नीचे ट्रेड कर रहा है। यह दिखाता है कि बाजार अभी भी कंपनी के वैल्यूएशन और बिजनेस मॉडल को लेकर थोड़ा सतर्क है।
फाइनेंशियल स्थिति और जोखिम
कई बढ़ती फिनटेक कंपनियों की तरह, Turtlemint भी अपने फाइनेंशियल रेश्यो को लेकर दबाव में है। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) निगेटिव है और इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो भी कम है, जो दर्शाता है कि यह अभी भी अपनी लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल सस्टेनेबिलिटी साबित करने के शुरुआती चरण में है। प्रोजेक्टेड प्रॉफिट मार्जिन हासिल करने के लिए, कंपनी को न केवल अधिक पार्टनर जोड़ने होंगे, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वे लंबे समय तक प्रोडक्टिव और लागत-कुशल बने रहें।
इसके अलावा, कंपनी के बिजनेस मॉडल के लिए इंश्योरेंस एजेंटों का कमीशन स्ट्रक्चर महत्वपूर्ण है। अगर रेगुलेटर कमीशन पर कोई कैप लगाते हैं, तो यह सीधे कंपनी के प्रॉफिट को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, Turtlemint को बैंकों और पारंपरिक इंश्योरेंस एजेंसियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, जो अपनी डिजिटल पहुंच बढ़ा रहे हैं। निवेशकों की नजर अब पार्टनर ऑनबोर्डिंग में कंपनी की प्रगति और आगामी तिमाही नतीजों में कैश बर्न कम करने की क्षमता पर रहेगी।
