Turtlemint IPO: दूसरे दिन 49% सब्सक्रिप्शन, QIBs की दिलचस्पी सबसे ज़्यादा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Turtlemint IPO: दूसरे दिन 49% सब्सक्रिप्शन, QIBs की दिलचस्पी सबसे ज़्यादा

Turtlemint Fintech Solutions के ₹883 करोड़ के IPO में दूसरे दिन दोपहर तक **49%** सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। QIBs (Qualified Institutional Buyers) ने **73%** हिस्सेदारी लेकर सबसे ज़्यादा दिलचस्पी दिखाई है। यह इश्यू 23 जून को बंद हो रहा है।

क्या हुआ?

Turtlemint Fintech Solutions के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में बिडिंग के दूसरे दिन दोपहर तक 49% सब्सक्रिप्शन हासिल कर लिया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी को 3.29 करोड़ शेयरों के मुकाबले 1.61 करोड़ शेयरों के लिए बिड मिली है। ₹883 करोड़ का यह IPO, जो ₹144 से ₹152 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में खुला है, 23 जून को सब्सक्रिप्शन के लिए बंद हो जाएगा।

मांग कहाँ से आ रही है?

सब्सक्रिप्शन के आंकड़े निवेशकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया दिखा रहे हैं। QIBs (Qualified Institutional Buyers), जिनमें बड़े बैंक, इंश्योरेंस कंपनियां और म्यूचुअल फंड शामिल हैं, ने सबसे ज़्यादा दिलचस्पी दिखाई है, उनके हिस्से में 73% सब्सक्रिप्शन हुआ है। रिटेल निवेशकों, यानी व्यक्तिगत निवेशकों, ने अपने आवंटित कोटे का 49% सब्सक्राइब किया है। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर कैटेगरी (जिसमें अक्सर हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स और कॉर्पोरेट एंटिटी शामिल होते हैं) अभी तक शांत है, केवल 3% सब्सक्रिप्शन ही हुआ है।

IPO से जुटाई राशि का इस्तेमाल

कंपनी जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में करेगी। Turtlemint अपनी टेक्नोलॉजी स्टैक को मजबूत करने, जिसमें क्लाउड और सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है, के साथ-साथ प्रोडक्ट डेवलपमेंट टीमों के सैलरी खर्च को कवर करने की योजना बना रही है। फंड का एक बड़ा हिस्सा मार्केटिंग पहलों को बढ़ावा देने के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा।

इसके अलावा, कंपनी अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी TIB की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और मौजूदा प्रॉपर्टी लीज के भुगतान के लिए भी फंड आवंटित करेगी। कंपनी की एक खास योजना अपने फंड का कुछ हिस्सा "इनऑर्गेनिक ग्रोथ" के लिए इस्तेमाल करना है, जिसका मतलब है कि वे अन्य छोटी कंपनियों का अधिग्रहण करके अपनी मार्केट शेयर या टेक्नोलॉजी क्षमताओं का विस्तार कर सकते हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी इन अधिग्रहणों को कितनी प्रभावी ढंग से करती है, क्योंकि नए व्यवसायों को एकीकृत करने में हमेशा उच्च लागत या प्रबंधन संबंधी चुनौतियां का जोखिम रहता है।

सेक्टर की स्थिति और जोखिम

जिस Insurtech सेक्टर में Turtlemint काम करती है, वह अत्यधिक प्रतिस्पर्धी है। इन कंपनियों को अक्सर ग्राहक हासिल करने में भारी खर्च करना पड़ता है, जो शुरुआती चरणों में मुनाफे पर दबाव डाल सकता है। कंपनी ने पहले ही एंकर निवेशकों से ₹397.20 करोड़ जुटाए हैं, जो कुछ राहत प्रदान करता है। हालांकि, ग्रे मार्केट, जहां लिस्टिंग से पहले शेयर ट्रेड किए जाते हैं, वर्तमान में केवल 0.33% से 1.32% का बहुत कम प्रीमियम दिखा रहा है। यह बताता है कि संस्थागत मांग भले ही बन रही हो, लेकिन व्यापक बाजार लिस्टिंग मूल्य को लेकर सतर्क है।

आगे क्या देखना है?

23 जून को क्लोजिंग डे पर अंतिम सब्सक्रिप्शन नंबर अगले महत्वपूर्ण आंकड़े होंगे। निवेशक यह भी देखेंगे कि नॉन-इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी अंतिम घंटों में कितनी गति पकड़ती है। शेयरों का अलॉटमेंट 24 जून को होने की उम्मीद है, और स्टॉक 29 जून को NSE और BSE पर लिस्ट होने वाला है।

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