Trump Family Crypto Ties: US House Hearing में छिड़ा बवाल, Tokenization पर सहमति पर मंडराया खतरा

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AuthorNeha Patil|Published at:
Trump Family Crypto Ties: US House Hearing में छिड़ा बवाल, Tokenization पर सहमति पर मंडराया खतरा
Overview

अमेरिकी हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी (US House Financial Services Committee) में सिक्योरिटीज टोकनाइजेशन (securities tokenization) को लेकर हुई एक अहम बैठक हुई। लॉमेकर्स (lawmakers) डिजिटल एसेट्स (digital assets) को पारंपरिक नियमों के तहत लाने पर सहमत दिखे, मगर यह सुनवाई Trump Family के क्रिप्टो बिजनेस से जुड़े हितों के टकराव (conflict of interest) के आरोपों के चलते विवादों में घिर गई।

अमेरिकी हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के सदस्यों ने सिक्योरिटीज टोकनाइजेशन (securities tokenization) को लेकर हुई सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण सहमति पर पहुंचे। अधिकांश लॉमेकर्स (lawmakers) इस बात पर सहमत दिखे कि डिजिटल एसेट्स (digital assets) को उन्हीं कड़े नियमों का पालन करना होगा जो पारंपरिक वित्तीय साधनों (traditional financial instruments) पर लागू होते हैं। यह एक सकारात्मक संकेत है कि नई वित्तीय टेक्नोलॉजीज (financial technologies) को रेगुलेटरी फ्रेमवर्क (regulatory framework) के दायरे में लाया जा रहा है।

हालांकि, डेमोक्रेट्स (Democrats) ने कुछ गंभीर चिंताएं भी जाहिर कीं। रिप्रेज़ेंटेटिव मैक्सीन वाटर्स (Representative Maxine Waters) ने एनोनिमस वॉलेट (anonymous wallets), 'अपने ग्राहक को जानो' (Know Your Customer - KYC) कंप्लायंस की कमी, और डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (Decentralized Finance - DeFi) के जरिए रेगुलेटरी जांच से बचने की संभावना पर सवाल उठाए। वाटर्स का मानना है कि टोकनाइजेशन से ट्रेडिंग और तेज हो सकती है, जिससे निवेश पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाना मुश्किल हो जाएगा।

लेकिन इस पूरी चर्चा पर Trump Family के क्रिप्टो वेंचर्स (crypto ventures) से जुड़े हितों के टकराव (conflict of interest) के आरोपों का गहरा साया मंडराता रहा। रिप्रेज़ेंटेटिव वाटर्स ने उन रिपोर्ट्स का हवाला दिया जिनमें कहा गया है कि Trump Family ने World Liberty Financial Inc. जैसी कंपनियों से भारी मुनाफा कमाया है। यह कंपनी टोकनाइज्ड लोन (tokenized loans) और यूएस ट्रेजरी बॉन्ड (U.S. Treasury bonds) द्वारा बैक्ड एक स्टेबलकॉइन (stablecoin) से रेवेन्यू जोड़ती है। परिवार के सदस्यों का इन रेगुलेशंस को अप्रूव करने वाली कमेटियों में शामिल होना, और सीधा वित्तीय लाभ कमाना, इस मुद्दे को और गंभीर बनाता है। इसने नई लेजिस्लेशन (legislation) पर आगे बढ़ने को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं और पॉलिसी डेवलपमेंट (policy development) को धीमा कर सकता है। World Liberty Financial Inc. के टोकन सेल्स (token sales) और फ्रैक्शनल ओनरशिप स्ट्रक्चर (fractional ownership structure) जैसे मॉडल बाजार के रिस्क (market risks) और रेगुलेटरी जांच (regulatory scrutiny) का सामना कर रहे हैं।

इस राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद, बड़े वित्तीय संस्थान (financial institutions) टोकनाइजेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। BlackRock के CEO लैरी फिंक (Larry Fink) का कहना है कि डिजिटल एसेट्स और टोकनाइजेशन 'वित्तीय सिस्टम की प्लंबिंग को अपडेट' कर सकते हैं। Invesco 2026 के मध्य तक $900 मिलियन का टोकनाइज्ड यूएस ट्रेजरी फंड (tokenized U.S. Treasuries fund) मैनेज करने की तैयारी में है। Franklin Templeton भी रियल-वर्ल्ड एसेट्स (real-world assets) को टोकनाइज करने पर काम कर रहा है। टोकनाइज्ड यूएस ट्रेजरी का मार्केट अब करीब $12 बिलियन तक पहुंच गया है, जो संस्थानों को यील्ड (yield) और स्थिरता (stability) प्रदान करता है।

यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया भर में डिजिटल एसेट्स को लेकर रेगुलेटरी माहौल (regulatory environment) बदल रहा है। अमेरिका में लेजिस्लेशन (legislation) पर काम जारी है, जबकि यूरोपीय यूनियन (European Union) का MiCA जैसा फ्रेमवर्क और एशिया के सिंगापुर और हांगकांग जैसे हब ब्लॉकचेन को बढ़ावा दे रहे हैं। अमेरिका में धीमा या राजनीतिक रूप से विवादास्पद रेगुलेटरी रास्ता कंपनियों को स्पष्ट नियमों वाले ज्यूरिडिक्शन (jurisdictions) की ओर जाने पर मजबूर कर सकता है, जिससे इनोवेशन (innovation) और कैपिटल फ्लो (capital flows) खंडित हो सकते हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी मार्केट स्ट्रक्चर लेजिस्लेशन (market structure legislation) आखिरकार ब्लॉकचेन-आधारित फाइनेंस (blockchain-based finance) को बढ़ावा दे सकता है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक माहौल अनिश्चितता पैदा करता है। हालांकि, एसेट्स को टोकनाइज करने का अंतर्निहित रुझान (underlying trend) मजबूत बना हुआ है, और पारंपरिक एसेट मैनेजर्स (asset managers) जैसे Morgan Stanley भी इस दौड़ में शामिल हैं।

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