क्रिप्टो स्टॉक्स में बम्पर तेजी: ट्रंप ने 'क्लैरिटी एक्ट' को दिया समर्थन, बिटकॉइन पहुंचा $71,700

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AuthorMehul Desai|Published at:
क्रिप्टो स्टॉक्स में बम्पर तेजी: ट्रंप ने 'क्लैरिटी एक्ट' को दिया समर्थन, बिटकॉइन पहुंचा $71,700

क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन स्टॉक्स में जबरदस्त उछाल आया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने 'क्लैरिटी एक्ट' को पास करने की अपील की है, जो डिजिटल एसेट्स को रेगुलेट करने का इरादा रखता है। हालांकि, इस बिल को सीनेट में बड़ी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, और प्रेसिडेंट की पर्सनल क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट को लेकर भी राजनीतिक जांच जारी है।

ट्रंप के समर्थन से क्रिप्टो बाज़ार में रौनक

20 अगस्त, 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस में 'क्लैरिटी एक्ट' का सार्वजनिक रूप से समर्थन करने के बाद, बिटकॉइन की कीमतों में लगभग $71,700 तक का उछाल देखा गया। इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य डिजिटल एसेट सेक्टर के लिए नियमों का एक स्पष्ट ढांचा तैयार करना है। यह तय करेगा कि कौन सी क्रिप्टोकरेंसी को सिक्योरिटी (Securities) माना जाएगा और किसे कमोडिटी (Commodity)। इससे यह लंबे समय से चला आ रहा विवाद सुलझ जाएगा कि इन एसेट्स को रेगुलेट करने का अधिकार सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के पास है या कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) के पास।

निवेशकों के लिए क्यों है यह अहम?

निवेशकों के लिए यह खबर इसलिए खास है क्योंकि नियमों की स्पष्टता न होने के कारण क्रिप्टो कंपनियां अक्सर कानूनी अनिश्चितता का सामना करती रही हैं। इस एक्ट से स्पष्ट अधिकार क्षेत्र स्थापित होने पर, कई मार्केट पार्टिसिपेंट्स का मानना ​​है कि यह इंडस्ट्री को स्थिर करेगा और अधिक संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करेगा। इसी उम्मीद में, प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज कॉइनबेस ग्लोबल (Coinbase Global) और बिटकॉइन माइनिंग कंपनियों जैसे कि रायट प्लेटफॉर्म्स (Riot Platforms), MARA होल्डिंग्स (MARA Holdings), और कैनान (Canaan) ने ट्रेडिंग सेशन के दौरान अच्छी बढ़त दर्ज की।

सीनेट में बिल को लेकर अनिश्चितता

बाजार की सकारात्मक प्रतिक्रिया के बावजूद, बिल को पास कराने का रास्ता अभी भी मुश्किल है। 'क्लैरिटी एक्ट' फिलहाल सीनेट में अटका हुआ है और इसे पास कराने के लिए आवश्यक 60 वोटों का बहुमत हासिल करना एक बड़ी चुनौती है। कई सांसदों ने द्विदलीय विरोध जताया है और नैतिक सुरक्षा उपायों की कमी पर चिंता व्यक्त की है। आलोचकों का तर्क है कि बिल में सरकारी अधिकारियों को अपनी व्यक्तिगत डिजिटल एसेट होल्डिंग्स से वित्तीय लाभ उठाने से रोकने के लिए आवश्यक प्रावधानों का अभाव है। यह चिंता इस बात से और बढ़ जाती है कि 2025 में राष्ट्रपति ट्रंप ने परिवार-संबंधित क्रिप्टोकरेंसी वेंचर्स से $1.4 बिलियन से अधिक की कमाई की थी।

आगे क्या?

निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि मौजूदा स्टॉक रैली संभावित रेगुलेटरी प्रगति की भावना से प्रेरित है। हालांकि, क्रिप्टो से जुड़ी कंपनियां राजनीतिक वार्ताओं और विधायी अपडेट्स के प्रति बेहद संवेदनशील बनी हुई हैं। इंडस्ट्री जुलाई 2025 में GENIUS एक्ट द्वारा स्थापित स्टेबलकॉइन फ्रेमवर्क की तरह एक स्पष्ट भविष्य की तलाश में है, लेकिन विधायी विफलता का जोखिम एक महत्वपूर्ण कारक बना हुआ है।

मार्केट के लिए अगली बड़ी घटना सीनेट की 'क्लैरिटी एक्ट' पर अपेक्षित प्रक्रियात्मक वोटिंग होगी, जो सितंबर 2026 के मध्य में होने वाली है। निवेशक उन संशोधनों पर नज़र रखेंगे जो हितों के टकराव (conflict-of-interest) संबंधी चिंताओं को दूर करते हैं, क्योंकि कानून को पास कराने के लिए आवश्यक समर्थन हासिल करने के लिए ये बदलाव महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.