NFL स्टार Travis Kelce समेत **64** निवेशक **$3.5 करोड़** की धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। इस पोंजी स्कीम को चलाने वाले सिद्धार्थ जवाहर को कोर्ट ने **11 साल** की सजा सुनाई है और भारी जुर्माने के आदेश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
सेंट लुइस की एक फेडरल कोर्ट ने इन्वेस्टमेंट मैनेजर सिद्धार्थ जवाहर को $3.5 करोड़ की धोखाधड़ी का दोषी पाया है। जवाहर, जो 'Swiftarc Capital LLC' फर्म चलाते थे, ने 2016 से 2023 के बीच निवेशकों को मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, उन्हें पीड़ितों को $3.13 करोड़ का रेस्टिट्यूशन (मुआवजा) देना होगा।
धोखाधड़ी का जाल
जांच में पता चला कि जवाहर ने निवेशकों के पैसों का निवेश करने के बजाय, उस राशि का एक बड़ा हिस्सा अपनी आलीशान लाइफस्टाइल और प्राइवेट जेट यात्राओं पर खर्च कर दिया। बाजार में निवेश के नाम पर केवल $1 करोड़ से कम राशि ही लगाई गई थी, और वह भी 'Philip Morris Pakistan' जैसे हाई-रिस्क ऑप्शंस में। निवेशकों को झांसे में रखने के लिए उन्होंने पोंजी स्कीम के पुराने हथकंडे अपनाए, जहाँ नए निवेशकों के पैसे से पुराने लोगों को भुगतान किया जा रहा था।
सबक और सतर्कता
यह मामला 'Affinity Fraud' का एक बड़ा उदाहरण है, जहाँ निवेशकों को उनकी पहचान और भरोसे के आधार पर टारगेट किया जाता है। जब तक घपला सामने आया, सबूत मिटाए जा चुके थे और डेटा डिलीट किया जा चुका था। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पैसा वापस मिलना बेहद मुश्किल होता है क्योंकि फंड पहले ही उड़ाए जा चुके होते हैं। यह घटना प्राइवेट इन्वेस्टमेंट में पैसा लगाने से पहले ड्यू डिलिजेंस (Due Diligence) की अहमियत को फिर से रेखांकित करती है।
