जून महीने में Thangamayil Jewellery के शेयरों में **52%** का जबरदस्त उछाल देखा गया। इस तेजी का फायदा कई पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस (PMS) फंड्स को मिला, जिन्होंने बेंचमार्क इंडेक्स को पीछे छोड़ दिया। कंपनी की दमदार तिमाही नतीजों और सेक्टर-विशिष्ट नीतियों ने स्टॉक को यह ऊंचाई दी है।
PMS फंड्स ने कैसे मारी बाजी?
जून 2026 में, चुनिंदा पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस (PMS) की स्ट्रैटेजीज़ ने 10.5% से 14.5% तक का रिटर्न कमाया, जो बाज़ार के सामान्य प्रदर्शन से कहीं ज़्यादा है। जहाँ निफ्टी (Nifty) इंडेक्स में मामूली बढ़त दिखी और सेंसेक्स (Sensex) 2.3% ही चढ़ा, वहीं इन खास पोर्टफोलियोज़ को कॉन्सेंट्रेटेड (Concentrated) और हाई-कन्विक्शन (High-conviction) निवेशों का फायदा मिला। इस शानदार प्रदर्शन का एक बड़ा कारण बना Thangamayil Jewellery, जिसके शेयर महीने भर में 52% तक बढ़ गए।
Thangamayil Jewellery के रॉकेट बनने की कहानी
Thangamayil Jewellery के शेयरों में यह तूफानी तेजी फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजों के बाद आई। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना होकर ₹2,839 करोड़ तक पहुँच गया। वहीं, EBITDA में भी ज़बरदस्त उछाल आया और यह ₹214 करोड़ पर पहुँच गया, जो पिछले साल के मुकाबले चार गुना ज़्यादा है। इन नतीजों के अलावा, ऑर्गेनाइज्ड ज्वेलरी रिटेल सेक्टर को सिल्वर इम्पोर्ट (Silver Import) को लेकर हालिया रेगुलेटरी बदलावों (Regulatory Changes) का भी फायदा मिला, जिससे स्थापित कंपनियों को लाभ हुआ। संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) की दिलचस्पी भी बनी रही, जिसमें Equirus Wealth Long Horizon Fund जैसे कुछ फंड्स की कंपनी में 22.6% तक की हिस्सेदारी है।
फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर का भी रहा योगदान
इन टॉप PMS स्ट्रैटेजीज़ के प्रदर्शन को फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में निवेश ने और भी मज़बूत किया। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स (Nifty Financial Services Index) जून में 6.18% चढ़ा। इसने उन फंड्स के लिए अच्छा माहौल बनाया जो नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनीज़ (NBFCs) और स्मॉल फाइनेंस बैंकों (Small Finance Banks) में भारी निवेश करते हैं। उदाहरण के लिए, Amaltas Asset Management की Strategic Opportunities Series I ने अपने पोर्टफोलियो का 50% से ज़्यादा हिस्सा Muthoot Microfin, Piramal Finance, ESAF Small Finance Bank और Utkarsh Small Finance Bank जैसे लेंडर्स (Lenders) में लगाया था।
निवेशकों को यह समझना ज़रूरी है कि जहाँ इन स्ट्रैटेजीज़ ने ज़बरदस्त रिटर्न दिया है, वहीं ये अक्सर कॉन्सेंट्रेटेड बेट्स (Concentrated Bets) पर आधारित होती हैं। इसका मतलब है कि पोर्टफोलियो का प्रदर्शन कुछ चुनिंदा कंपनियों या एक ही सेक्टर की सफलता से जुड़ा होता है। अगर इन खास स्टॉक्स या सेक्टर्स में गिरावट आती है, तो ऐसे पोर्टफोलियो पर असर डाइवर्सिफाइड (Diversified) म्यूचुअल फंड की तुलना में ज़्यादा गंभीर हो सकता है। जैसे-जैसे ये PMS स्ट्रैटेजीज़ अपने अगले तिमाही नतीजों पर नज़र रखेंगी, बाज़ार यह देखेगा कि क्या Thangamayil Jewellery अपनी रेवेन्यू ग्रोथ को बनाए रख पाती है और क्या फाइनेंशियल सर्विस लेंडर्स मौजूदा मांग के रुझानों से लाभ उठाना जारी रख पाते हैं।
