Telangana में निवेश के नाम पर हो रही धोखाधड़ी का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। साइबर अपराध से होने वाले कुल नुकसान का **60%** हिस्सा अब सिर्फ इन स्कैम से जुड़ा है। दक्षिण-पूर्व एशिया से चलने वाले ये गिरोह नए-नए तरीके अपनाकर रिटेल निवेशकों को निशाना बना रहे हैं।
बड़े संगठित गिरोहों का जाल
Telangana Cyber Security Bureau की रिपोर्ट के मुताबिक, ये कोई छोटी-मोटी घटनाएं नहीं हैं, बल्कि कंबोडिया, म्यांमार और वियतनाम जैसे देशों से चलने वाले अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का काम है। ये स्कैमर्स अचानक दबाव बनाने के बजाय, हफ्तों या महीनों तक बातचीत कर निवेशकों का भरोसा जीतते हैं, और फिर नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए पैसे ऐंठ लेते हैं।
कैसे काम करते हैं ये जालसाज?
इनका काम करने का तरीका बेहद प्रोफेशनल है। ये अलग-अलग समय क्षेत्रों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का फायदा उठाकर जांच एजेंसियों को चकमा देते हैं। इनके पास ऐसे कॉल सेंटर्स हैं जहाँ अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले एजेंट होते हैं, जो सीधे निवेशकों को उनकी अपनी भाषा में फंसाते हैं। हालांकि, अधिकारियों ने पिछले 2 सालों में लगभग ₹455 करोड़ की राशि रिकवर करने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन प्रशासन का साफ कहना है कि पैसा वापस पाना बेहद मुश्किल है, इसलिए बचाव ही एकमात्र उपाय है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को उन स्कीम्स से दूर रहना चाहिए जो भारी और गारंटेड रिटर्न का वादा करती हैं या आपको अनौपचारिक तरीके से IPO और स्टॉक टिप्स देती हैं। याद रखें, भारत में कोई भी निवेश प्लेटफॉर्म SEBI (Securities and Exchange Board of India) द्वारा रेगुलेटेड होना चाहिए। किसी भी ब्रोकर या प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उनके आधिकारिक रिकॉर्ड्स की जांच जरूर करें। यदि कोई ऐप या वेबसाइट इन नियमों के दायरे से बाहर है, तो वह आपके पैसे के लिए बड़ा खतरा हो सकती है।
