Tata Sons: चेयरमैन पद पर घमासान! N Chandrasekaran की नियुक्ति को Noel Tata ने दी चुनौती

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Tata Sons: चेयरमैन पद पर घमासान! N Chandrasekaran की नियुक्ति को Noel Tata ने दी चुनौती

Tata Sons के बोर्डरूम में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। Noel Tata ने N Chandrasekaran को चेयरमैन के तौर पर फिर से नियुक्त करने की प्रक्रिया को कानूनी चुनौती दी है, जिससे कंपनी के स्ट्रैटेजिक फैसलों पर अनिश्चितता बढ़ गई है।

विवाद की जड़ क्या है?

मामला 17 सितंबर, 2026 की बोर्ड मीटिंग का है, जहां N Chandrasekaran को तीसरी बार 5 साल के लिए चेयरमैन चुना गया। विवाद तब बढ़ा जब बोर्ड में 4-1 के वोट से प्रस्ताव पास हुआ और चेयरमैन के कास्टिंग वोट का इस्तेमाल किया गया। Noel Tata का तर्क है कि कंपनी के 'आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन' के तहत कुछ फैसलों के लिए टाटा ट्रस्ट्स के नॉमिनेटेड डायरेक्टर्स की मंजूरी जरूरी है, जिसे इस नियुक्ति में नजरअंदाज किया गया।

कंपनी का पक्ष और कानूनी राय

Tata Sons ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पूरी प्रक्रिया कॉर्पोरेट गवर्नेंस के नियमों के मुताबिक है। कंपनी ने इसके समर्थन में पूर्व चीफ जस्टिस U.U. Lalit, पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज B.N. Srikrishna और सीनियर एडवोकेट Sudipto Sarkar जैसी हस्तियों की कानूनी राय पेश की है।

RBI की लिस्टिंग और भविष्य की राह

यह विवाद ऐसे समय पर हुआ है जब Tata Sons के लिए RBI के नियमों का पालन करना सबसे बड़ी चुनौती है। ग्रुप को अपर-लेयर NBFC के तौर पर लिस्टिंग से बचने के लिए रीस्ट्रक्चरिंग करनी है, जिसमें Tata Consulting Engineers और Tata Electronics Systems Solutions जैसी यूनिट्स को मर्ज करने का प्रस्ताव शामिल है।

निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि अगर यह मामला National Company Law Tribunal (NCLT) तक खिंचता है, तो ग्रुप के बड़े फैसलों में देरी हो सकती है। इसका सीधा असर Tata Chemicals और Tata Investment Corp जैसे लिस्टेड शेयरों पर पड़ सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर अब इस पर है कि ट्रस्टी आपसी सहमति कैसे बनाते हैं और रेगुलेटरी अनुपालन की राह क्या होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.