Singapore International Commercial Court (SICC) ने Tata Power की एक बड़ी याचिका खारिज कर दी है। इसके बाद कंपनी पर **$640 मिलियन** से ज्यादा की देनदारी का खतरा मंडरा रहा है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है और शेयर में करीब **1.79%** की गिरावट आई है।
कानूनी विवाद की जड़
यह मामला साल 2013 का है, जो रूस में कोल माइनिंग प्रोजेक्ट के लिए हुए एक जॉइंट वेंचर से जुड़ा है। Kleros Capital Partners ने आरोप लगाया था कि Tata Power ने नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट का उल्लंघन किया और गलत तरीके से उन्हें बिडिंग प्रक्रिया से बाहर रखा। सिंगापुर की कोर्ट ने कंपनी की दलीलों को नकारते हुए ट्रिब्यूनल के फैसले को सही ठहराया है।
बड़ी वित्तीय चुनौती
हालांकि शुरुआती आर्बिट्रेशन अवार्ड $490 मिलियन का था, लेकिन ब्याज (5.33% सालाना) और लीगल खर्चों के कारण अब यह राशि $640 मिलियन के पार पहुंच गई है। कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में स्पष्ट किया है कि वे इस फैसले से सहमत नहीं हैं और वे सिंगापुर कोर्ट ऑफ अपील में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। कंपनी के पास अपील दायर करने के लिए 28 दिन का समय है।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी फिलहाल रिन्यूएबल एनर्जी और सोलर मैन्युफैक्चरिंग जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर भारी पूंजी निवेश कर रही है। ऐसे में $640 मिलियन की संभावित देनदारी कंपनी के बैलेंस शीट और लिक्विडिटी पर दबाव डाल सकती है। निवेशकों की नजर अब इस कानूनी लड़ाई के अगले दौर और मैनेजमेंट की तरफ से आने वाले बयानों पर टिकी है।
